लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
संवाददाता : नितिन मेहरा, अजमेर
अजमेर वासियों और पर्यटकों के लिए खुशखबरी! शहर के पास स्थित गंगा-भैरव घाटी अब जल्द ही लेपर्ड सफारी के रूप में विकसित होगी। यहां आने वाले पर्यटक न केवल तेंदुओं को देख पाएंगे बल्कि कई किलोमीटर का ट्रेक भी कर सकेंगे।
परियोजना की खास बातें
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स्थान: काजीपुरा, खरेखड़ी, अजयसर और आसपास के गांवों में फैली गंगा-भैरव घाटी
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प्रथम चरण का खर्च: लगभग 6 करोड़ रुपये
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कुल अनुमानित लागत: लगभग 19 करोड़ रुपये
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ट्रेकिंग मार्ग:
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7.5 किमी पुराने क्षतिग्रस्त ट्रैक का पुनर्निर्माण
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11.5 किमी नए ट्रैक का निर्माण

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पर्यटकों के लिए सुविधाएं
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टिकट खिड़की और एंट्री प्लाज़ा (काजीपुरा सीमा पर)
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रेस्ट प्वाइंट्स और अल्पाहार केंद्र
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सेल्फी प्वाइंट्स और व्यू प्वाइंट्स
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श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक सुगम पहुँच
ऐतिहासिक महत्व भी होगा आकर्षण
सैलानी सफारी के साथ-साथ सम्राट पृथ्वीराज चौहान के समय के अस्तबल, सैनिक छावनी स्थल और अन्य ऐतिहासिक स्मृतियों को भी देख पाएंगे।
नेतृत्व और निरीक्षण
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विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गंगा-भैरव घाटी का दौरा कर प्रस्तावित रूट और सुविधाओं का निरीक्षण किया।
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मुख्य वन संरक्षक ख्याति माथुर और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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देवनानी ने बताया कि परियोजना को मुख्यमंत्री और वन मंत्री से चर्चा कर हरी झंडी मिल चुकी है।

स्थानीय लोगों को भी लाभ
यह परियोजना स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। साथ ही, पुष्कर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को भी अजमेर में एक नया पर्यटन अनुभव मिलेगा।
अजमेर में अन्य विकास कार्य
देवनानी ने बताया कि अजमेर में पर्यटन और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए और भी कई योजनाएं प्रस्तावित हैं, जैसे:
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साइंस पार्क का निर्माण
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वरुणसागर का सौंदर्यकरण
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अजमेर एंट्रेंस प्लाज़ा का निर्माण
इन परियोजनाओं से अजमेर का पर्यटन क्षेत्र और समृद्ध होगा तथा शहर की पहचान एक बड़े पर्यावरणीय पर्यटन स्थल के रूप में बनेगी।












































