लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
परिवर्तिनी एकादशी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों से गूंजा वातावरण
जिला: डीडवाना-नावां | रिपोर्टर: मनीष पारीक
नावा शहर में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था परिवर्तिनी एकादशी का, जब प्राचीन स्टेशन नाडा बालाजी मंदिर में 858वां वार्षिक मेला धूमधाम से आयोजित किया गया।
सुबह हवन और महाआरती
प्रातःकाल पंडित कुलदीप मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सपत्नीक यजमान महेश यादव और सीताराम जांगिड़ से हवन कुंड में आहुतियां दिलवाईं। हवन के पश्चात महाआरती हुई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
पालकी में लाई गई ठाकुर जी की रेवाड़ियां
शहर के पांच प्रमुख ठाकुरजी मंदिरों से बैंड-बाजों के साथ पालकी में ठाकुर जी की रेवाड़ियां निकाली गईं। ये शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए स्टेशन नाडा बालाजी मंदिर परिसर पहुंची। जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले में उमड़ा जनसैलाब
सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दूर-दराज से आए भक्तों ने बालाजी महाराज को धोक लगाई और पूजा-अर्चना कर मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की। महिलाओं और बच्चों में मेले को लेकर विशेष उत्साह दिखा। झूले, खिलौनों और दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली।
भक्ति और सांस्कृतिक रंग
मेले के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रात में स्थानीय और बाहर से आए कलाकारों ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
ऐतिहासिक महत्व
माना जाता है कि विक्रम संवत 1223 (ईस्वी सन् 1166) में गोकुल सिंह बंजारा ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। यही कारण है कि हर वर्ष बंजारा समाज के लोग देश के विभिन्न हिस्सों से यहां दर्शन और मेले में भाग लेने आते हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व व्यवस्थाओं के सख्त इंतजाम किए।














































