रक्षा बंधन दुसरे दिन भी मनाया गया यह पर्व जन्माष्टमी तक सतत जारी रहेगा

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

सुनील निगम की खास खबर

उदयपुर।
सनातन मान्यताओ के अनुसार पुर्णिमा से लेकर श्री कृष्ण जन्माष्टमी तक राखी बांधी जा सकती है।
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के लिए सबसे खास होता है ये दिन इसी को समपर्ति है इन दिनो मे बहन अपने भाई की कलाई में राखी बांधती है और उसकी लंबी उम्र की कामना करती हैं भाई बहन को रक्षा करने का वचन देता है।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार श्रणव मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। पूरे साल एक दूसरे से लड़ने-झ़गड़ने वाले भाई और बहन इस दिन एक दूसरे को खूब प्यार लुटाते हैं ये दिन सिर्फ राखी बांधने का नही है बल्कि भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करने का भी होता है।
भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सभी रिश्तों से खास और अनमोल होता है। यह सिर्फ सनातन धर्म ही समझ सकता है
इसमें नोकझोक, लड़ाई-झगड़े और बहुत सारा अनदेखा प्यारा होता है, जो बस कुछ खास मौकों पर ही जाहिर किया जाता है रक्षाबंधन भी वो एक मौका होता है जब भाई -बहन एक दूसरे के लिए प्यार जाहिर करते हैं।

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