उज्जैन महाकाल के नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट खुले

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

सत्यनारायण सेन गुरला

उज्जैन के महाकाल मंदिर के तीसरी मंजिल में नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है, जो साल में एक एक बार और 24 घंटे के लिए खुलता है। जानते हैं आखिर ये मंदिर क्यों है इतना खास और क्यों खुला इसके एक बार कपाट।

हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा चली आ रही है, हिंदू परंपरा में नागों को भगवान शिव का आभूषण माना जाता है। वैसे देश में लाखों मंदिर मौजूद हैं, जो अपनी अलग-अलग मान्यताओं के लिए ना केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय हैं। उन्हीं में शामि है उज्जैन जिले का नागचंद्रेश्वर मंदिर है, जो कि साल में बस एक बार श्रावण शुक्ल पंचमी माने नागपंचमी के दिन खुलता है। वो भी केवल और केवल 24 घंटे के लिए।

खास बात तो ये है मंदिर उज्जैन के फेमस महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। हिंदू धर्म में नागों की पूजा होती है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान शिव का आभूषण मानते हैं। श्री महाकाल मंदिर के गर्भगृह के ऊपर ओंकरेश्वर मंदिर और उसके भी ऊपर श्री नागचन्द्रेश्वर का मंदिर मौजूद है, जहां दर्शन करने से दोषों से मु मिलती है। चलिए आपको इस मंदिर का इतिहास और दूसरी जानकारी देते हैं।
आज रात खुलेंगे मंदिर के कपाट उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में तीसरी मंजिल में मौजूद नागचंद्रेश्वर के पट 28-29 जुलाई को रात 12 बजे 24 घंटे के लिए खोल दिए जाएंगे। एक दिन में करीबन 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना बताई जा रही है।

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