लोक टुडे नयूज नेटवर्क
सिरोही- तुषार पुरोहित ब्यूरो चीफ
अब तक बचाया करीब साढ़े 10 हजार सांपों का जीवन बचाया व 3500 से अधिक अजगर पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़े
.काळ के रूप में पहचाना जाने वाले सांप चाहे खेत में दिख जाए या घर में, उसे मारने के लिए लाठियां बरसनी शुरू हो जाता है। उसकी जान लेकर ही लट्ठ शांत होते हैं, लेकिन सिरोही के शख्स ने पिछले 2006 से लेकर अब तक कुल 18 सालों से ‘काळ की ढाल के रूप में पहचान बनाई है। अभी तक नरेश आर्य ने करीब साढ़े दश हजार सांपों को जीवनदान दिया है। आज उसे सांपों का मसीहा के नाम से जाना जाता है। उसे जरूरत है युवाओं की, जी सांपों को बचाने में उसका साथ दे सके।
नरेश आर्य ने पिछले तीन सालों में करीब 3500 से अधिक अजगर (राक पाइथन) की जान बचाई है। शुरुआत में अजगर को पानी, घरों व खेतों से पकड़ना काफी मुश्किल लगता था, लेकिन धीरे-धीरे उसने इस कार्य उसने इस कार्य में महारथ हासिल कर दी है। अजगर को बिना कोई नुकसान पहुंचाएं वह सुरक्षित स्थान पर छोड़ देता है।
देर रात भी कोई उसकी मोबाइल पर घंटी करे तो वह सांप के जीवन को बचाने के लिए घर से निकल पड़ता है। हालाकि वह जलदाय विभाग रेवदर में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत है, लेकिन अपनी ड्यूटी के साथ- साथ वह सांपों को बचाने की मशक्कत में भी लगा हुआ है।










































