मकराना के एक निजी अस्पताल में लगातार दो मरीज की मौत पर ग्रमाया माहौल 

0
275
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

सैकड़ो की संख्या में सर्व समाज के नेतृत्व में तहसीलदार के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम सोपा ज्ञापन  

मकराना शहर में निजी हॉस्पिटल के खिलाफ सर्व समाज में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग 

पूर्व विधायक श्रीराम भींचर ने कहा आपकी सोच से भी ज्यादा कार्रवाई करवाएंगे 

रिपोर्टर अब्दुल सलाम गैसावत

मकराना। मकराना शहर के एक निजी हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र की जनता में आक्रोश है। मृतका चंदा की असामयिक मृत्यु के बाद सोमवार को सर्व समाज के सैकड़ों महिलाएं और पुरुष तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। सर्व समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

मृतका चंदा के भाई राजेश सैनी ने मकराना पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि उनकी बहन चंदा, जो गर्भवती थी, जो की रीति-रिवाज के अनुसार पहली डिलीवरी के लिए अपने पियर मकराना लाया गया था। 7 जुलाई 2025 की रात 12:30 बजे प्रसव पीड़ा शुरू होने पर चंदा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल कर्मियों ने सामान्य प्रसव का दावा किया और सुबह 7:42 बजे चंदा ने एक पुत्री को जन्म दिया। परिजनों ने खुशी में अस्पताल कर्मियों को 1000 रुपये इनाम भी दिए। हालांकि, उसके बाद परिजनों को चंदा से मिलने नहीं दिया गया। करीब आधे घंटे बाद परिजनों को सूचित किया गया कि चंदा को अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा है, जो नियंत्रित नहीं हो पा रहा था। परिजनों ने चंदा को अन्य अन्यत्र ले जाने की मांग की, लेकिन अस्पताल ने तीन घंटे तक डिस्चार्ज नहीं किया। बाद में चंदा की गंभीर हालत के कारण उसे जयपुर के मणिपाल अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि प्रसव के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही के कारण चंदा की बच्चेदानी और अन्य अंग क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके चलते बच्चेदानी निकालनी पड़ी। इलाज के बावजूद 10 जुलाई 2025 को चंदा की मृत्यु हो गई।

इस घटना के बाद पुरे शहर के लोगों में भारी गुस्सा है। 14 जुलाई को सुबह इंदौर वाटिका मैं सैकड़ो की संख्या में सर्व समाज के लोग एकत्रित होकर रैली के रूप में विरोध प्रदर्शन करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे जहाँ पर 11 बजे तहसील कार्यालय में एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व विधायक श्रीराम भींचर, जुसरी सरपंच प्रकाश भाकर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने संबोधित किया। पूर्व विधायक श्रीराम भींचर ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। चिकित्सा मंत्री और मुख्यमंत्री से बात कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कई बार चिकित्सक लालच में आकर मरीज की जान से खिलवाड़ करते हैं, ऐसे में उनकी जांच जरूरी है। जुसरी सरपंच प्रकाश भाकर ने कहा कि मकराना में उपजिला स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन वहां महिला चिकित्सक की कमी है, जिसके कारण लोग निजी अस्पतालों में मजबूरन जाते हैं, जहां लूट-खसोट होती है। सभी अस्पतालों में चिकित्सकों की डिग्री की जांच होनी चाहिए। हॉस्पिटल को सील कर जांच होने तक बंद रखा जाना चाहिए। असलम चौधरी ने मांग की कि सभी चिकित्सकों की डिग्री सार्वजनिक की जाए ताकि मरीजों को उनके बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक और बेहतर सुविधाओं की भी मांग की। तहसीलदार महेंद्र सिंह मुवाल ने आश्वासन दिया कि सीएमएचओ को मामले से अवगत कराया गया है और जल्द कार्रवाई होगी। थानाधिकारी सुरेश सोनी ने कहा कि परिवाद दर्ज कर लिया गया है और नियमानुसार जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

हॉस्पिटल का काला इतिहास
स्थानीय लोगों ने बताया कि हॉस्पिटल में दो दिन पहले भी एक अन्य प्रसूति की मृत्यु हुई थी, लेकिन परिजनों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे पहले भी इस अस्पताल में लापरवाही के कारण मौत के मामले सामने आ चुके हैं। इस घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और चिकित्सकीय लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

सर्व समाज ने हॉस्पिटल के खिलाफ सख्त कार्रवाई, निष्पक्ष जांच, और चिकित्सकों की डिग्री की जांच की मांग की है। साथ ही, सरकारी अस्पतालों में महिला चिकित्सकों की नियुक्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की अपील की गई है।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here