भारत: जनकल्याण से तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति की ओर!

0
606
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
हेमराज तिवारी वरिष्ठ पत्रकार

आज भारत उस मोड़ पर खड़ा है जहाँ से वह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। ये कोई संयोग नहीं, बल्कि देश के करोड़ों मेहनतकश नागरिकों, विशेष रूप से हमारे नौजवानों की कड़ी मेहनत और जज्बे का परिणाम है।

पिछले 11 सालों में अभूतपूर्व प्रगति की

पिछले 11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है — चाहे वह आधारभूत संरचना हो, डिजिटल क्रांति हो, कृषि सुधार हो या फिर सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ। आज भारत केवल आर्थिक वृद्धि की बात नहीं करता, वह समावेशी विकास की दिशा में भी अग्रसर है।

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक रिपोर्ट

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक रिपोर्ट ने इस तथ्य को वैश्विक मंच पर मान्यता दी है। रिपोर्ट के अनुसार, बीते दशक में भारत के 90 करोड़ से अधिक नागरिकों को विभिन्न welfare schemes के अंतर्गत लाया गया है। यह सिर्फ सामाजिक सुरक्षा का विस्तार नहीं है, यह देश की सामाजिक-आर्थिक रूपरेखा में ऐतिहासिक बदलाव है।

इन जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव केवल लाभ पाने तक सीमित नहीं रहा — उन्होंने बड़े पैमाने पर रोजगार भी उत्पन्न किए हैं। चाहे वह पीएम आवास योजना हो, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान या डिजिटल इंडिया — इन योजनाओं ने लाखों युवाओं को प्रशिक्षण, कार्य और आत्मनिर्भरता के अवसर दिए हैं।

युवाओं की भागीदारी
देश का युवा आज सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, वह रोजगार निर्माता बनना चाहता है। स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसी योजनाओं ने इस आकांक्षा को पंख दिए हैं।
भारत की यह विकास यात्रा केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है — यह 140 करोड़ सपनों, संघर्षों और संकल्पों की जीवंत गाथा है।
एक ऐसा राष्ट्र जो अपने नागरिकों को न केवल सहायता देता है, बल्कि उन्हें सशक्त भी करता है।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here