श्रीमद्भागवत कथा में जन्मे श्रीकृष्ण

0
110
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

जय कन्हैयालाल की से गूंजा पांडाल 

बीकानेर से विजय कपूर की रिपोर्ट
बीकानेर। भीनासर में गौरक्षधोरा स्थित नखत बन्ना मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिवस श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। गौरक्ष धोरा के पीठाधीश्वर योगी रामनाथजी महाराज ने बताया कि कथा प्रांगण को गुब्बारों से सजाया गया तथा बालगोपाल का रूप धरे बच्चों को मिठाई खिलाई गई। इस दौरान कान्हाजी को माखन मिश्री का भोग लगाया और कथा में श्रीकृष्ण का जन्म होते ही ‘हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की उद्घोष से पांडाल गूंज उठा। कथा वाचक धर्मेश महाराज ने बताया कि 84 लाख योनियां भुगतने के पश्चात मानव देह की प्राप्ति होती है।

इसलिए इस देह का उपयोग व्यर्थ कामों में ना करके जनकल्याण व ईश्वर भक्ति में समर्पित कर दें। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड़ दी तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। धर्मेश महाराज ने श्रीकृष्ण अवतार की व्याख्या करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का अवतार तब होगा जब आप सत्य निवेशी बनेंगे। अर्थात आपको सत्य की साधना करनी पड़ेगी। मां देवकी ने सत्य की साधना की। सत्य की साधना कष्टदायी हो सकती है, लेकिन इसके फल के रूप में हमें श्रीकृष्ण ही प्राप्त होंगे। वह हमारे जीवन को आनंद से भर देंगे।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here