लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
मातमी धुनों के साथ ताजियों को किया सैराब
जितेंद्र बालोत
नसीराबाद/अजमेर । (जितेन्द्र बालोत)। अजमेर जिले के नसीराबाद से है जहां मुस्लिमसमाज ने मोहर्रम परंपरागत रूप से मनाया गया। शाम को मातमी धुनों के बीच गमगीन माहौल में करबला के कुएं में ताजिए सैराब किए गए। दोपहर में चारों ताजिये अपने-अपने मुकाम से मुख्य बाजार के विजय चौक पर एकत्रित हुए जहां तीनों अखाड़ों के खलीफाओं और पठ्ठों ने अपने अपने निशानों को सलामी देकर करतब दिखाए।शाम 4 बजे चारों ताजिए करबला के लिए रवाना हुए।
सबसे आगे कल्लो सायरओली बाजार का ताजिया, उसके बाद सिकंदर छोटी मंडी का ताजिया, उसके बाद डबल रोटी वाला राजनारायण रोड का ताजिया और सबसे पीछे अंधे हाफिज गांधी चौक का ताजिया चल रहा था। मुस्लिम समाज की महिलाओं ने ताजियों को पूरे रास्ते खड़े रहकर भारी मन से जाते देखा। ताजियों के आगे युवक ढोल ताशों की मातमी धुने बजा रहे थे और उनके आगे अब्बासी अखाड़े, दिल्ली वालों के अखाड़े और घोसियों के अखाड़े के उस्ताद, खलीफा और पठ्ठों के साथ करतब दिखाते चल रहे थे। तीनों अखाड़ों और ताजिए फ्रामजी चौक पर एकत्रित हुए।
वही आपको बता दे की फ्रामजी चौक पर पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर पूर्व विधायक महेंद्र सिंह गुर्जर, मुस्लिम समाज के असलम सदर ने पुलिस उपाधीक्षक जरनैल सिंह ,सिटी थाना अधिकारी हुकम गिरी, सहित इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों को ताजेदारों और ढोल ताशे बजाने वालों का साफा बंधाकर स्वागत किया गया। दूसरी ओर बता दे की ताजिए निकलने के दौरान पुलिस उपाधीक्षक जरनैल सिंह, सिटी थाना हुकम गिरी ,आदि पूरे रास्ते जाप्ते के साथ मुस्तैद रहे। फ्रामजी चौक से चारों ताजिए फूलागंज स्थित करबला पहुंचे जहां गमगीन माहौल में मातमी धुनों के साथ ताजिए सैराब कर दिए गए।










































