लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
स्वच्छ भारत मिशन के तहत राजीवका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिली सफाई की जिम्मेदारी..दो माह से नहीं दिया पेमेंट ..ग्राम पंचायत प्रशासक पर भ्रष्टाचार के आरोप ..
भरतपुर – स्वच्छ भारत मिशन के तहत वैर और हलैना राजीवका स्वयं सहायता समूह और ग्राम पंचायत के बीच हुए एमओयू के अनुसार, महिलाओं को ग्राम पंचायत में साफ-सफाई का काम सौंपा गया था। लेकिन महिलाओं का आरोप है कि काम करने के बाद भी दो महीने से उन्हें भुगतान नहीं किया गया है और उनसे काम छीना जा रहा है। इतना ही नहीं, महिलाओं ने विकास अधिकारी और ग्राम प्रशासक पर आरोप लगाया कि उन्हें भुगतान तभी किया जाएगा जब वह मजदूरी का 50% रुपए उन्हें देंगे. इसी मामले को लेकर महिलाएं बड़ी संख्या में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची और जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर अवगत कराया। जिला कलेक्टर ने महिलाओं को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी।
महिला विमलेश ने बताया कि राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद के राजीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई का कार्य का एमओयू राजीवका क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) और ग्राम पंचायत के मध्य 1 साल के लिए हुआ था। वह राजीवका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई है। ग्राम पंचायत के द्वारा जो साफ सफाई का काम करवाया जाता था वह राजीवका से जुड़ी महिलाओं को दिया गया।
हर समाज की महिलाएं साफ सफाई के लिए लगी हुई हैं एमओयू साइन हुए दो माह का समय हो गया। विकास अधिकारी और ग्राम प्रशासक द्वारा एमओयू पर साइन किया गया और सभी शर्ते मानी गई। जब पेमेंट की बात आई तो उन्होंने कहा हमारा कोई लेना-देना नहीं है। हमारे द्वारा पेमेंट तब किया जाएगा जब मिलकर बात होगी। जब उनसे मिलकर बात की तो वह पेमेंट में 50% हिस्सेदारी मांग रहे हैं। एक महिला को प्रति माह 8400 रुपए मजदूरी मिलती है। जिनमें से 4000 रुपए महिलाओं को देने और बाकी रुपए विकास अधिकारी और ग्राम प्रशासक को देने का आरोप लगाया है।
नीमा उपाध्याय ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के सफाई कार्य को राजीव का के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा किया जा रहा था जिससे महिलाओं को रोजगार मिला था। लेकिन अब यह कार्य ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रशासक द्वारा छीना जा रहा है। उनकी मंशा है कि हम कार्य नहीं करें। पिछले दो माह से हम सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक काम लगातार कर रहे हैं । हमारे द्वारा ,नाले,नालिया,रास्ते सामुदायिक भवन एवं शौचालय की सफाई की जा रही है। जिससे प्रतिदिन 2 से 3 ट्रॉली कचरा निकलता है। उनके द्वारा कहा जा रहा है कि हम लोगों ने काम नहीं किया है और उनके द्वारा पेमेंट नहीं दिया जा रहा और न हमारी कोई सुनवाई हुई. लेकिन इसके बावजूद भी हम लगातार अपना काम कर रहे हैं। हमारी मांग यह है कि हमसे काम नहीं छीना जाए, जो महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई है उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है,इसी से उनकी रोजी रोटी चल रही है।
जिला कलेक्टर से यही मांग है हमारा काम नियमित रखा जाए और पेमेंट भी सही समय पर दिया जाएगा। इसी मांग को लेकर के वैर और हलैना की तिरंगा और सारथी राजीवका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया।
जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने महिलाओं को आश्वासन देते हुए कहा है कि मामले की जांच करवाने के साथ वहां का मौका मुआयना करवाया जाएगा।











































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