भगवान भक्त के भाव को देखते हैं जात पात को नही

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
यहां चल रही तीन दिवसीय नानी बाई का मायरे की कथा में कथावाचक सिद्धि किशोरी ने कहा कि भगवान हमेशा भक्त की भावना को देखते हैं ।इसकी सामर्थ्य या जात पात को नही ।उन्होंने कथा में नरसी भगत का वृतांत सुनाते हुए कहा कि नरसी के समधी ने मायरे की पत्रिका भेज कर कई तरह की मांग करते हुए नरसी मेहता को नीचा दिखाने का प्रयास किया ।लेकिन नरसी भगत ने भगवान से सच्चे मन से प्रार्थना की ।समस्याएं आई, लेकिन भक्त की रक्षा भगवान ने करते हुए पूरी सहायता की । उन्होंने कहा कि भक्त सच्चे भाव से प्रभु को पुकारे तो प्रभु आने में देर नहीं करते जैसे नरसी जी के लिए भगवान 52 बार पृथ्वी पर आए थे।

सिद्धि किशोरी ने कहा कि जब आपका बुरा समय चल रहा हो तो संसार वाले कोई भी आपकी सहायता करने नहीं आएगा। बल्कि मजाक बनाएंगे जैसे नरसी के भाई बंधुओ ने उनकी मजाक बनाई । लेकिन नरसी मेहता का भगवान पर अटूट विश्वास था तो वह उनकी सहायता करने के लिए भगवान को आना पड़ा ।भक्त और भगवान की कथा सुनकर पूरा पंडाल भक्ति में हो गया ।बीच-बीच में भगवान के भजनों पर भक्त नृत्य करते नजर आए ।कथा में श्री श्याम सखा संस्थान के संस्था प्रमुख जगदीश साहू , राहुल शर्मा, अनिता बड़ाया ,रेखा बड़ाया, कृष्णा गगरानी, संतोष जांगिड, सत्यनारायण शर्मा, राहुल गौतम, कृष्णा माहेश्वरी ,गोबिंद शर्मा ,विमल पारिक, भेरू दरबान ,बंटी शर्मा आदि भक्त गण मौजूद थे।

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