लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
8 साल पहले लाठियों-धारदार हथियारों से किया था युवक का मर्डर; कोर्ट ट्रायल के दौरान एक की मौत
भारतीय
एक युवक को घेर कर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से वार कर मर्डर करने के 8 साल पुराने मामले में आज शुक्रवार को फैसला आया है। जज ने 13 में से 12 लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी थी। मामला भरतपुर के उद्योगनगर थाने के महंगाया गांव का है। ये फैसला अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी ने सुनाया।
सरकारी वकील धर्मेंद्र कुमार ने बताया- मामले में महंगाया गांव निवासी युवक विक्रम सिंह के पिता करण सिंह ने उद्योगनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में करण सिंह ने बताया था- 6 मार्च 2017 को मेरा बेटा विक्रम सिंह सुबह 6 बजे गांव की बगीची पर नहाने जा रहा था। रास्ते में गांव के कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया। विक्रम पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया गया। गांव वालों ने हमें इस हमले की सूचना दी। हम घटनास्थल की तरफ दौड़े। वहां बेटा लहूलुहान हालत में मिला। हम उसे आरबीएम हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में 13 आरोपियों को चिह्नित किया था। ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। ऐसे में 12 दोषियों को सजा सुनाई गई।
12 दोषी करार, एक की ट्रायल के दौरान मौत
सभी सबूत और गवाहों के आधार पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-3 के पीठासन अधिकारी रेखा भारद्वाज ने 12 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ट्रायल के दौरान एक आरोपी हरिप्रसाद की मौत हो गई थी। जिन 12 लोगों को सजा सुनाई गई है, उनके नाम शिब्बा, कपिल, जितेंद्र, दिनेश, प्रेमचंद, हर गोविन्द, महेश, रामचरण, रामवीर, भगवान सिंह, पिंटू और मुरारी हैं।














































