भाविप विवेकानंद के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लगे 11 दिवसीय अभ्युदय शिविर का भव्य समापन

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

बच्चों की ओ माय फ्रेंड गणेशा, झांसी की रानी और ऑपरेशन सिंदूर जैसी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया

भीलवाडा। (पंकज पोरवाल) भारत विकास परिषद, स्वामी विवेकानंद शाखा, के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए 11 दिवसीय अभ्युदय अभिरुचि शिविर का परिषद भवन, शास्त्री नगर में समापन हुआ। शाखा अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल ने बताया कि शिविर के समापन में विशिष्ट अतिथि वंदना बाल्दी प्रांतीय संयोजक, अभिरुचि शिविर, और राजेश समदानी, समाजसेवी, गायत्री परिवार, रहे। शाखा के वरिष्ठ सदस्य एवं रीजनल संयोजक, संपर्क गोविंद प्रसाद सोडाणी की अध्यक्षता में समापन समारोह संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता राजेंद्र समदानी ने अपने उद्बोधन में भारत विकास परिषद द्वारा किए जा रहे अनूठे कार्यों की सराहना की।

उनका कहना था कि परिषद को कोई भी नए आइडिया दिए जाते हैं, और उस विचार को धरातल पर लाने का कार्य भारत विकास परिषद के कार्यकर्ता बड़ी आसानी से पूर्ण कर देते हैं। यह शिविर इन बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके चेहरों पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल थी। शिविर में 32 बच्चों का पंजीकरण किया गया था। बच्चों ने प्रतिदिन उत्साहपूर्वक भाग लिया और उनकी शत-प्रतिशत उपस्थिति रही। सचिव केजी सोनी ने बताया कि शिविर में बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट थीम पर सजावटी सामान बनाना, वॉल हैंगिंग, पॉट्स, प्लास्टिक की बोतलों से गमले और मिट्टी के कलश से पिग्गी बैंक बनाना सिखाया गया। रेखा सिंह ने बच्चों की कला को निखारा। इसके अतिरिक्त, देशभक्ति, फिल्मी और सांस्कृतिक गानों पर नृत्य, इंग्लिश लर्निंग, जिमनास्टिक, और मनोरंजक खेल भी सिखाए गए। वंदना अग्रवाल ने बच्चों से पौधारोपण करवाया, जिसमें प्लांट लवर सोसाइटी के सुनील चौधरी ने सहयोग किया। शिविर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को पूर्ण कराना रहा, जिसमें महात्मा गांधी अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ व प्रशासन का सहयोग प्राप्त हुआ।

अस्पताल में चिकित्सीय जांच कराई गई। अभिभावकों ने बताया कि इस शिविर से बच्चों की एकाग्रता बढ़ी है और उनका मानसिक विकास हो रहा है, जो थेरेपी से भी अधिक सकारात्मक परिणाम दे रहा है। बच्चों ने ओ माय फ्रेंड गणेशा, झांसी की रानी और ऑपरेशन सिंदूर जैसी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया और सभी बच्चों को प्रमाण पत्र एवं बैग वितरित किए गए। शिविर प्रभारी आशा काबरा के समर्पण और टीम सदस्यों के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। उपस्थित सभी लोगों ने स्वामी विवेकानंद शाखा परिवार की इस अनूठी पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे और कार्यक्रमों के आयोजन का अनुरोध किया।

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