शादी कार्ड में जय श्री जमवाय माता के साथ ऑपरेशन सिंदूर प्राउड ऑन इंडियन आर्मी छपवाकर दिया सम्मान

0
909
- Advertisement -

सीकर से योगेश ऋषिका की रिपोर्ट

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

सीकर। जिले में इन दिनों एक शादी का कार्ड चर्चा का विषय बना हुआ है। इस शादी कार्ड में जय श्री जमवाय माता के साथ ऑपरेशन सिंदूर प्राउड ऑन इंडियन आर्मी भी छपा है। दूल्हे और उनके परिवार ने इंडियन आर्मी के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए ये खास तरीका अपनाया।

शादी के कार्ड में इंडियन आर्मी को दिया सम्मान

दरअसल धोद के खाकोली गांव निवासी अमितसिंह की शादी 28 मई को रसीदपुरा (कुचामन) निवासी पूजा कंवर से होगी। अमित इंडियन आर्मी में कार्यरत हैं। ऑपरेशन सिंदूर में वे बाड़मेर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात थे। मंगलवार को अमित की छुट्टियां स्वीकृत हुई हैं। उनका पूरा परिवार आर्मी बैकग्राउंड से ताल्लुक रखता है। उनके दो भाई भी फौज में हैं। शादी का कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

जगदीश शेखावत के चारों बेटे फौज में और बेटी पुलिस में

किसान जगदीश सिंह शेखावत के चार बेटे हैं भंवर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अमित सिंह और अभय प्रताप सिंह। सबसे बड़े भंवर सिंह शेखावत एक मोटिवेशनल स्पीकर हैं जबकि उनके तीनों छोटे भाई आर्मी में है। धर्मेंद्र सिंह 10 साल से, अमित सिंह 6 साल से और अभय प्रताप सिंह 4 साल से भारतीय सेना का हिस्सा हैं। धर्मेंद्र सिंह और अमित सिंह शांति सेना में शामिल होकर सीरिया और इजरायल के बीच स्थित लेबनान में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अब अभय प्रताप सिंह भी शांति सेना में जाने की तैयारी कर रहे हैं। तीनों भाई 18 कैवेलरी आर्म्ड फोर्स का हिस्सा हैं। उनकी एक बहन संगीता शेखावत भी राजस्थान पुलिस में सेवाएं दे रही है। तीनों फौजी भाई पिछले कुछ समय से पाकिस्तान से सटी राजस्थान की सीमा पर ड्यूटी कर रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर से भारत पाक बॅाडर पर तैनात है भाई

ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमले करके नापाक हरकतें की गई। तब तीनो भाई देश के नागरिकों की रक्षा में तैनात रहे। फौजी अमित सिंह की 28 मई को शादी है। ऐसे में मंगलवार 20 मई को वे 15 दिन की छुट्टी पर आए हैं। अमित की शादी के कार्ड में भी ऑपरेशन सिंदूर को विशेष तवज्जो दी गई है। वैवाहिक कार्यक्रम से पहले शादी के कार्ड में ‘प्राउड ऑफ इंडियन आर्मी’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लिखा है। शादी का कार्ड भी राजस्थान भाषा में प्रकाशित कराया गया है जो अपने आप में अनूठी पहल है।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here