लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भारत ने फ्रांस से किया 63000 करोड़ रुपये का सैन्य करार
22 सिंगल सीट और चार टीन सेट सीट जेट शामिल है
नौसेना के बेड़े में वृद्धि होगी,वायु रक्षा समुद्री हमले टोही और तटीय सुरक्षा होगी मजबूत
नई दिल्ली । पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले के बाद भारत- पाक के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच सरकार ने अपने सुरक्षा बेड़े को और मजबूत किया है। भारत सरकार ने 26 राफेल मरीन जेट के लिए फ्रांस के साथ 63000 करोड रुपए का सौदा किया। यह जेट विमान वाहक पोतों से संचालित हो सकते हैं और इन्हें से नौसेना के लिए बनाया गय हैं। इस सौदे में प्रशिक्षण ,हथियार, सिम्युलेटर और दीर्घकालिक सहायता शामिल है।
राफेल एम को आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात किया जाएगा। भारत में इससे पहले 2016 में वायु सेवा के लिए 36 राफेल जेट खरीदे थे । नए सौदा में भारतीय रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी स्थानांतरण भी शामिल है । राफेल एम भारत की नौसेना शक्ति को तब तक मजबूत करता है, जब तक की उसका अपना लड़ाकू जेट तैयार नहीं हो जाता।

28 अप्रैल को भारत में 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमान की खरीद के लिए फ्रांस के साथ एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसकी कीमत लगभग 63000 करोड रुपए है इसमें 22 सिंगल सीट जेट और चार टीन सेट सीट जेट शामिल है। यशोदा राफेल की नौसैनिक संस्करण का भारत का पहला अधिग्रहण है। जिससे यह इस मॉडल का पहला अंतरराष्ट्रीय ऑपरेटर बन गया है किस पौधे में पायलट प्रशिक्षण फ्लाइट सिम्युलेटर हथियार आवश्यक उपकरण दीर्घकालिक रखरखाव सहायता भी शामिल है इसके अलावा इसमें भारतीय वायुसेना द्वारा पहले से इस्तेमाल किया जा रहे हैं राफेल जेट के लिए अतिरिक्त गैर शामिल है आत्मनिर्भर भारत पर सरकार की ओर से भारत में स्वदेशी हथियारों के लिए एकीकरण के लिए प्रौद्योगिकी का स्थानांतरण भी शामिल है
राफेल मरीन भारतीय नौसेना का अगली पीढ़ी का लड़ाकू जेट
राफेल मरीन राफेल मैक्स शक्तिशाली उन्नत लड़ाकू जेट है जिस समुद्र में विमान वॉक से संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है ।जमीन से उड़ान भरने वाले सामान्य लड़ाकू विमान के विपरीत यह विमान कठिन समुद्री स्थिति में भी चलते जहाज से उड़ान भर सकते हैं और उन पर उड़ान भी भर सकते हैं, उन पर उत्तर भी सकते हैं। इसे फ्रांस की द साल्ट एविएशन ने बनाया है और इसका इस्तेमाल पहले से ही फ्रांसीसी सी द्वारा किया जा रहा है।

भारतीय नौसेना वर्तमान में दो विमान वाहक पोतों आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य का संचालन करती है। फ्रांस से 26 राफेल एम विमान की खरीद के लिए हाल ही में हुए समझौते से नौसेना के बेड़े में वृद्धि होगी ,क्योंकि यह जेट दोनों वाहकों से संचालन करने में सक्षम होंगे । राफेल एमएस का उपयोग वायु रक्षा, समुद्री हमले, टोही और तटीय हमलों से लिए, नौसेना के लिए किया जाएगा । यह विमान नौसेना को दुश्मन के लड़ाकू विमान को निशाना बनाने में मदद करेगा, जिससे बेड़े की वायु रक्षा क्षमता सुनिश्चित होगी और नौसेना को दुश्मनों के हथियारों की सीमा से बाहर रहते हुए समुद्र पर नियंत्रण रखने की अनुमति मिलेगी। राफेल एमजी नौसेना को समुद्री क्षेत्र की जानकारी प्राप्त करने में ,लक्ष्य तय करने ,जानकारी प्रदान करने की उनकी क्षमता कमजोर होगी। इन विमान के शामिल होने से नौसेना की समग्र परिचालन पहुंच और ताकत में काफी वृद्धि होगी। भारत जल स्थल नव आकाश सभी क्षेत्रों में सैन्य स्तर पर काफी मजबूत हो चुका है। हाल में भारत सरकार के द्वारा किए गए इस सैन्य करार से भारतीय सेना का मनोबल और ऊंचा होगा।










































