मुख्यमंत्री भजनलाल ने डोटासरा को गजब धोया, बोले गमछा खूब घुमा लिया ,मुगालते में मत रहना, ब्याज सहित वसूलता हूं ,गलतफहमी निकाल देना

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

रितु मेहरा की रिपोर्ट

जयपुर राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष को जमकर धोया।  मुख्यमंत्री ने विपक्ष के हमले का चुन चुन कर जवाब दिया।  मुख्यमंत्री बोले मैं बंसी वाले के घर से आता हूं आप लोग मुझसे किसी भी तरह नहीं जीत सकते।  मुख्यमंत्री ने गमछा लहराने और मोरिया बोलने से पेपर लीक जैसे मुद्दे पर हमला बोला।  साथ ही कांग्रेस के सर्वनाश करने की बात भी कह दी।  कहा कि डोटासरा चुनाव में कहते थे मोरिया भुला दिया, मोरिया भुला दिया, अब बताओ किसका मोरिया बोला? कितनी बार बोला ,यह तो बताओ भाई?  यह कहते हैं कि सीएम भोला है गलतफहमी निकाल देना मैं सूद समेत लौटाता हूं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कॉल की फोन टैपिंग की न्यूज़ मंगा कर सदन में लहराई और कहा कि आईना देखा आपका आपको पढ़ने के लिए मंगाई है।  हालांकि डॉक्टर किरोडी लाल मीणा की फोन टैपिंग पर सदन में मुख्यमंत्री समेत किसी भी मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। इस मुद्दे पर कांग्रेसी नेता सदन में काली पट्टी बांधकर स्पीकर के कहने के बावजूद सदन की बहस में शामिल नहीं हुए । हंगामा के बीच में पहली बार नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का भाषण भी नहीं हुआ। सीएम ने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं कांग्रेस से नहीं डरता हूं । प्रदेश में चार लाख नौकरियां दूंगा 172990 भर्तीयां निकाल दी है। डोटासरा को चपरासी और सफाई कर्मियों की भर्तियां पसंद नहीं है उन्हें सिर्फ आरएस भर्ती का ध्यान है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र के 55 फ़ीसदी वायदे पूरे कर दिए हैं । कांग्रेस की पिछली सरकार तो देश में पेपर लीक सरगना सरकार थी । दुख है कि कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई में डोटासरा के जाल में बेचारे जूली फस गए हैं।  मुख्यमंत्री ने सदन में उठाए गए सभी विपक्षी नेताओं के सवालों के चुन चुन कर जवाब दिए । हालांकि इस दौरान सदन में विपक्ष के विधायक मौजूद नहीं थे वह विधानसभा के बाहर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर रहे थे । लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने जवाब से विपक्ष के पसीने छुड़ा दिए । वहीं गोविंद सिंह डोटासरा को सीधी चेतावनी भी दे दी कि वह उन्हें भोला या सीधा समझने की भूल नहीं समझ बैठे, वह किसान के बेटे हैं और ब्याज समेत वसूलना जानते हैं।

नेता प्रतिपक्ष की आवाज को कांग्रेस नेताओं ने साजिशन  दबाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि देखकर दुःख हुआ कि कांग्रेस पार्टी ने बड़ा षड़यंत्र रचते हुए आज पवित्र सदन में दलित ,किसान के बेटे को बोलने तक नहीं दिया। राजस्थान विधान सभा के इतिहास में यह पहला मौका है कि जब प्रतिपक्ष ने अपने ही नेता की आवाज को दबा दिया, जबकि हम तो एक मजबूत विपक्ष चाहते हैं। विधानसभा में राज्यपाल के आभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष विपक्ष की आवाज रखता है और मुख्यमंत्री सहित तमाम सदन को नेता प्रतिपक्ष की बात को भी बगैर किसी व्यवधान के सुनना पड़ता है लेकिन कांग्रेस के सदस्यों ने पहले ही वाकआऊट कर दिया था । ऐसे में टीकाराम जूली को अपनी बात कहने का सदन में अवसर ही नहीं मिलां, जिससे टीकाराम जुली की प्रतिभा का भी लोगों को पता नहीं लग सका।

जल जीवन मिशन में घोटालों से प्रदेश की बदनामी*

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार ने जल जीवन मिशन में बड़े घोटाले किए, जिनसे देश में प्रदेश की बदनामी हुई हैं। गत सरकार ने नल से जल मिलने के सपने को तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हमारी सरकार ने पहल करते हुए केंद्रीय नेतृत्व के सहयोग से मिशन की अवधि को मार्च 2028 तक बढ़ाया, जिससे अब लाखों घर तक पानी पहुंच रहा है। यह हमारी डबल इंजन सरकार की शक्ति है।

 

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