
- लोकटुडे न्यूज नेटवर्क
जगत की कोड़ी भी साथ नहीं जाएगी,भगवान नाम परमधन जो हमेशा साथ जाएगा
चित्रकूटधाम में श्रीराम कथा महोत्सव के चौथे दिन भी छाया भक्ति का उल्लास
भीलवाड़ा। (विनोद सेन) आजकल के नाम सुनकर मन में दया के भाव आते है। जिनके कोई अर्थ नहीं वह नाम बच्चों के रख देते है। बच्चों के नाम भगवान के नाम पर रखिए। जीवन के अंतिम समय में बच्चे को नाम से पुकारा तो भी जुबान पर भगवान का नाम आएगा ओर जीवन का उद्धार हो जाएगा व भगवत की प्राप्ति हो जाएगी। रामकथा ही देख ले राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुधन चारों भाईयों में से हर एक का नाम गहरा अर्थ रखता है। ये विचार ख्यातनाम कथावाचक पूज्य राजन महाराज ने श्रीसंकट मोचन हनुमान मंदिर ट्रस्ट एवं श्री रामकथा सेवा समिति भीलवाड़ा के तत्वावधान में नगर निगम के चित्रकूटधाम में आयोजित नौ दिवसीय श्री रामकथा महोत्सव के चौथे दिन कथावाचन के दौरान व्यक्त किए। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महन्त बाबूगिरीजी महाराज के सानिध्य में आयोजित कथा में चौथे दिन श्रीराम के प्राकट्य के बाद बाललीला प्रसंगों का वाचन किया गया। धर्मनगरी भीलवाड़ा के भक्तगण उमड़ पड़े एवं जिसे जहां जगह मिली वहीं बैठ भक्तिभाव से कथाश्रवण करता दिखा। व्यास पीठ पर विराजित राजन महाराज ने कहा कि भगवत अनुभूति प्राप्त करने के बाद उसे बयां नहीं कर सकते। भगवान को जानने के बाद जगत में रहने पर भी वह दिखाई नहीं पड़ेगा सब जगह परमात्मा ही नजर आएंगे। जगत की संपति कितनी भी जमा कर ले कोड़ी भी साथ नहीं जाएगी। सत्संग से भगवान का नाम रूपी जो परमधन प्राप्त होगा वहीं हमारे साथ अगले भव में भी जाएगा। जगत के धन के साथ परमधन को भी जमा कीजिए। भगवान अपने दास से बहुत प्रेम करते है जो उनसे कभी कुछ नहीं मांगता। उन्होंने नववर्ष एक जनवरी की बजाय चैत

















































