हेड कांस्टेबल बाबूलाल को न जीते जी न्याय मिला और न मरने के बाद?

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आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने किया आंदोलन का समर्थन

5 दिन बाद भी धरना स्थल पर नहीं पहुंचे बेरवा समाज के विधायक

दलित समाज के विधायक भी काट रहे हैं करनी

जयपुर । बबीता शर्मा) राजस्थान सरकार की हठद्धर्मिता के चलते आज पांचवे दिन भी हेड कांस्टेबल बाबूलाल बैरवा के परिजनों को किसी भी तरह का सरकारी आश्वासन नहीं मिला। आज 5 दिन बाद भी सैकड़ो की संख्या में लोग जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर धरने पर बैठे रहे। धरने पर बैठे लोगों में एक ही बात चर्चा थी कि हेड कांस्टेबल बाबूलाल बैरवा को अपने आलाधिकारियों से न जीते जी न्याय मिला और जब न्याय के लिए उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री को सुसाइड नोट लिखकर न्याय की अपील करते हुए सुसाइड कर लिया तो मरने के 5 दिन बाद भी उसे, उसके परिवार को न्याय नहीं मिला ! आखिरकार एक इंसान करें तो क्या करें कि उसे न्याय मिले। आज आरएलपी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल ने धरने पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से हेड कांस्टेबल बाबूलाल बैरवा की परिजनों को न्याय देने की मांग की। हनुमान बेनीवाल ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है , सिस्टम फेलियर है । राजधानी जयपुर में कोई हेड कांस्टेबल आत्महत्या कर लेता है और उसके परिजन हजारों लोगों के साथ में सभी पार्टियों के लोगों के साथ में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सरकार ने आज तक परिजनों से किसी तरह की वार्ता नहीं की है इससे बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय सरकार का नहीं हो सकता।

सुसाइड नोट में वर्णित लोगों की हो गिरफ्तारी

हनुमान बेनीवाल ने कहा की आत्महत्या से पूर्व लिखा गया सुसाइड नोट को सही माना जाता है। कुछ अपवाद हो सकते हैं लेकिन यहां तो सुसाइड से पूर्व एक पुलिस कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए ही सुसाइड नोट लिखा है। पुलिस में संबंधित अधिकारियों के नाम लिखे ،,एक पत्रकार का नाम लिखा कि उनके प्रताड़ित करने के कारण ही वह सुसाइड कर रहा है। इस तरह का पत्र आने के बाद तो मुख्यमंत्री को स्वत ही संज्ञान लेकर अब तक कार्रवाई कर देनी चाहिए थी। लेकिन समझ बाहर है कि आखिरकार आज दिन तक सरकार क्या कर रही है । जबकि यह तो सरकार का दायित्व बनता है कि इस तरह के मामले में जो दोषी अधिकारी है उनको गिरफ्तार किया जाए। परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी यह तो सामान्य प्रक्रिया है । लेकिन अभी तक सरकार ने इन पर भी कोई निर्णय नहीं किया। बहुत ही गंभीर मामला है । इस मामले में हम पीड़ित परिवार के साथ है और जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता है मैं और मेरी पूरी पार्टी के साथ खड़े रहेंगे।

बाबूलाल को न्याय नहीं मिला तो पुलिस से ही भरोसा उठ जाएगा

हनुमान बेनीवा बेनीवाल ने कहा कि जिस तरह से मरने से पूर्व हेड कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री का नाम छुट्टी लिखकर जान अधिकारियों पर आरोप लगाया कि इन से प्रताड़ित होने के कारण ही है वह आत्महत्या कर रहा है और यदि उसके बाद भी उसे न्याय नहीं मिलता है तो फिर तो पुलिस का पुलिस पर से विश्वास उठ जाएगा आम जनता को तो मतलब ही नहीं है।

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