19घंटे तक शव रखकर बैठे रहे परिजन, शमशान का रास्ता खुलने के बाद किया संस्कार

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खैरथल ,तिजारा, टपूकड़ा। ( राजेश शर्मा सीनियर रिपोर्टर ) खबर भिवाड़ी के खैरतल तिजारा के टपूकड़ा से है। जहां एक दलित युवती की मौत होने पर परिजन जब शमशान घाट पर दाह संस्कार के लिए जाने लगे तो दबंगों ने श्मशान घाट का रास्ता बंद कर दिया, इसके विरोध में दलित समाज के लोग 19 घंटे तक शव के साथ शमशान के बाहर ही रास्ता रोक कर बैठे रहे। आखिरकार प्रशासन को हस्तक्षेप करके शमशान घाट से अतिक्रमण हटाने के बाद ही परिवार ने मृतका का अंतिम संस्कार किया।

19घंटे शव के साथ प्रदर्शन: ,प्रशासन ने तार बंदी हटवाई।
शमशान का रास्ता बंद होने से दलित युवती का शव जमीन पर रखकर परिजन 19 घंटे तक बैठे रहे।प्रशासन के हस्ताक्षेप के बाद रास्ता खुलने पर मंगलवार सुबह 9 बजे अंतिम संस्कार किया गया। मामला खैरथल तिज़ारा जिला के टपुकड़ा के दाँगनहेड़ी गाँव का है। आपको बता दे कि शमशान घाट मे जाने का रास्ता नहीं होने के कारण मृतका के परिजन सोमवार दोपहर 2 बजे से शव के साथ शमशान घाट के पास ही मुख्य सड़क पर धरने पर बैठे थे। परिजनों की मांग थी कि हर बार शमशान घाट मे आने के लिए दलित समाज का रास्ता रोक दिया जाता है। गत 15 दिन पहले भी गाँव मे एक युवक के शव को लेकर ग्रामीण जब शमशान घाट पहुंचे तो उस समय भी यही विवाद उपजा था और प्रशासन के हसरक्षेप से रास्ता खुलवाकर अंतिम संस्कार कराया गया था।

दबंगों ने कर दी थी शमशान के चारों ओर तारबंदी
लेकिन सोमवार दोबारा से वही स्थिति पैदा हो गई।
धरने पर बैठे परिजनों एवं दलित समाज के लोगों को समझाईस करने के लिए मौक़े पर भिवाड़ी ए डी एम अश्वनी के पंवार,टपुकड़ा एस डी एम सत्यनारायण सुधार, भिवाड़ी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू, तिजारा डी एस पी शिवराज सिंह सहित टपुकड़ा थानाधीकारी भगवान् सहाय मौक़े पर पहुंचे थे। लेकिन ना ही सोमवार पूरे दिन इस मामले का हल् निकल पाया और ना ही पुरी रात,आख़िरकार मंगलवार सुबह प्रशासन ने सख्ती दिखाई और रास्ते को खुलवाया। रास्ता खुलने के बाद मंगलवार सुबह करीब 9बज़े मृतका पूजा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

50 सालों से था शमशान जाने का रास्ता
धरने पर बैठे अलवर जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष उदमी राम पोसवाल ने बताया हर यहाँ पर करीब बीते 50 सालों से शमशान घाट का रास्ता खुला हुआ था, लेकिन कुछ लोगों ने शमशान घाट के चारो तरफ खेत की तारबंदी और दीवार खड़ीकर रास्ते को रोक दिया। हर बार दलित समाज के लोगों को शमशान घाट मे जाने से रोक दिया जाता है। यह समाज के लोगों के साथ कुठारघात हो रहा है। मृतक पूजा के शव को लेकर परिजन सोमवार करीब 2 बजे से परिजन धरने पर बैठे थे। और प्रशासन लगातार रास्ते को निकालने का प्रयास कर रहा था। लेकिन दबंग लोग रास्ता देने के लिए तैयार नही थे। आख़िरकार प्रशासन ने पंचायत मे प्रस्ताव लेकर रास्ते को रेवेन्यु रेकॉर्ड मे दर्ज करने के आदेश दिये है। प्रशासन इन बातो को लिखित मे देने को तैयार हो गया है। इन सब बातो को समाज के लोगों ने स्वीकार करते हुए आज मंगलवार सुबह करीब 9 बजे मृतक पूजा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अब यह रास्ता रेवन्यू रिकॉर्ड मे दर्ज होगा। और इसे दबंग लोग बंद नही कर सकेंगे। टपुकड़ा एस डी एम सत्यनारायण सुधार ने बताया कि समाज के लोगों कि बात को मान लिया गया है। रास्ते का प्रस्ताव लेकर रेवेन्यु रिकॉर्ड मे दर्शाया जाएगा जो रास्ता लम्बे समय से चालु था। लेकिन रेवेन्यू रिकॉर्ड मे दर्ज नही था। उसे प्रस्ताव लेकर नक़्शे मे दर्शाया जा सकता है। उसी के आधार पर सम्बन्धित व्यक्ति की खातेदारी भी ख़त्म नही होगी। और नक्शा भी रेवेन्यू रिकॉर्ड मे हो जाएगा।यह प्रक्रिया एक सफ्ताह मे पुरी कर ली जायेगी। अब आगे से शमशान घाट मे जाने के लिए रास्ते का विवाद ख़त्म हो गया है।

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