
झालावाड़। मामला झालावाड़ जिले के खानपुर थाना इलाके के गांव मूंडला का है ।जहां पहले तो दलित समाज के लोगों से राम मंदिर निर्माण और जगराते और प्रसादी के लिए चंदा ले लिया गया। लेकिन बाद में कुछ लोगों के विरोध के चलते चंदा वापस यह कह कर लौटा दिया गया कि दलित समाज के शूद्र वर्ग के पैसों से ना तो मंदिर का निर्माण हो सकता और न ,हीं उसे मंदिर से चढ़ाया हुआ प्रसाद पवित्र हो सकता है। ऐसे में हम न तो पैसा लेंगे और न हीं दलितों से लिए हुए पैसे से प्रसाद चढ़ाएंगे । क्योंकि इससे प्रसाद भी अपवित्र हो जाएगा और मंदिर भी अपवित्र हो जाएगा। इसके बाद दलित वर्ग में आक्रोस है। दलितों ने स्थानीय थाना पुलिस में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पैसा लौटाने वाले और दलितों धमकाने वाले सभी लोग धाकड़ समाज से हैं शास्त्रों की बात करें तो धाकड़ समाज खुद भी शूद्र वर्ग में ही आता है लेकिन यह वर्क भी अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ इस तरह का बर्ताव करता है खास बातें की इसमें पीड़ित दलित वर्ग की सभी जातियों के लोग हैं जिनसे पहले उनके मोहल्ले में जाकर पैसे उगाए गए और फिर वापस लौटा दिए गए।












































