बसपा के प्रतिनिधिमंडल ने की मृतक छात्र के परिवार के लिए मुआवजा और नौकरी की मांग

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सायला जालौर जिले का सायला कस्बे का सुराना गांव इन दिनों चर्चा में है। कारण यहां दलित उत्पीड़न के कारण एक छात्र की मौत हो गई और मौत का कारण स्कूल के संचालक पर प्राध्यापक छैल सिंह सिंह के द्वारा छात्र की पिटाई बताया जा रहा है ।बताया जा रहा है कि छात्र ने स्कूल में रखी टीचर्स के मटके से पानी पी लिया था। इस पर प्रधानाध्यापक छैल सिंह ने बच्चे की पिटाई कर दी। इसके बाद बच्चे को सुराणा के अस्पताल में दिखाया गया । वहां से उसको पाली, जालौर, उदयपुर और अहमदाबाद में भर्ती कराया गया। लेकिन 23 दिन के बाद बच्चे की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद बहुजन समाज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भी सुराणा पहुंचा। शिष्टमंडल में राम जी गौतम प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा , सीताराम मेघवाल, महासचिव प्रेम बारूपाल ,भोला सिंह बाजीगर ,अशोक वर्मा, राम बोस सहित जालौर और जोधपुर के बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहेI प्रदेश प्रभारी राम जी गौतम और प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने राजस्थान सरकार से मृतक के परिजनों को ₹5000000 का मुआवजा और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ ऑफिसर किस पर मामला दर्ज कर जल्दी-जल्दी कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने गहलोत सरकार पर दलितों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। बाबा और राम जी गौतम ने कहा कि गहलोत सरकार दलितों को मुआवजा देने में भी भेदभाव करती है। वह दलितों की मौत की कीमत कम आंकती है ।जबकि दूसरे समाज के व्यक्ति कि इस तरह की घटनाओं में मौत होने पर उन्हें ₹5000000,दो -दो व्यक्तियों को नौकरियां देती है ।ऐसे में साफ है कि गहलोत सरकार की दोगली नीति है। आरोप लगाया कि पाली में मूंछ रखने पर जितेंद्र मेघवाल की हत्या कर दी गई थी। जिसे आज तक मुआवजा नहीं दिया गया है ,नहीं उनके परिवार में किसी को नौकरी दी गई है ।उसका परिवार आज भी मुआवजा और सरकारी नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। जबकि मृतक खुद सरकारी कर्मचारी था । इन तमाम घटनाओं से दलित वर्ग में राजस्थान सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

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