लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान से वरिष्ठ संवाददाता : नितिन मेहरा
विधायकों की तर्ज पर अब निर्दलीयों की ‘घेराबंदी’, सभी पार्षद बेंगलुरु शिफ्ट
अजमेर।अजमेर नगर निगम चुनाव के त्रिशंकु नतीजों के बाद शहर में मेयर की कुर्सी पर कब्जे के लिए शह-मात का खेल पूरी तरह चरम पर पहुंच गया है। पूरे 36 साल बाद अजमेर में कांग्रेस का बोर्ड बनाने के लिए पार्टी के संकटमोचक और ‘जादूगर’ (अशोक गहलोत) के सिपहसालार माने जाने वाले वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने अपना पुराना और सबसे अचूक सियासी दांव खेल दिया है। सूत्रों के अनुसार, सेंधमारी से बचाने के लिए कांग्रेस के पार्षदों की घेराबंदी कर उन्हें राजस्थान से सीधे कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (बेंगलोर) भेज दिया गया है।
राजनीतिक गलियारों में धर्मेंद्र राठौड़ के इस कदम की पुरजोर चर्चा है। उन्हें इस तरह के हाई-प्रोफाइल मैनेजमेंट और बाड़ेबंदी का लंबा अनुभव है। इससे पूर्व, राजस्थान विधानसभा के बड़े सियासी संकटों के दौरान जब सरकार पर खतरा मंडराया था, तब उन्होंने विधायकों की बाड़ेबंदी में सबसे मुख्य भूमिका निभाई थी। उस समय भी विधायकों को एकजुट रखने और विरोधी खेमे की पहुंच से दूर रखने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच बड़े रिजॉर्ट्स में ‘घेराबंदी’ की गई थी।
विधायकों के बाद अब निगम वार्ड पार्षदों पर वही पुराना फॉर्मूला
अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई है, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े (41) से महज 4 कदम दूर है। वहीं, बीजेपी 32 सीटों पर अटकी है। 11 निर्दलीय पार्षद इस समय दोनों ही पार्टियों के लिए सत्ता की चाबी बने हुए हैं। किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग या पार्षदों के टूटने के डर से, धर्मेंद्र राठौड़ ने पूर्व में विधायकों की बाड़ेबंदी के अपने इसी ऐतिहासिक फॉर्मूले को अब अजमेर के नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों पर लागू कर दिया है।
अजमेर के राजनीतिक हलकों में यह खबर पुख्ता हो चुकी है कि पार्षदों को राजस्थान से बाहर बेंगलुरु के एक सुरक्षित और आलीशान रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है, ताकि विरोधी खेमा उन तक किसी भी सूरत में न पहुंच पाए। अब सारा दारोमदार 21 सितंबर को होने वाले महापौर (मेयर) चुनाव पर टिका है। देखना दिलचस्प होगा कि धर्मेंद्र सिंह राठौड़ का यह ‘बेंगलुरु बाड़ेबंदी मैनेजमेंट’ कांग्रेस को 36 साल बाद अजमेर नगर निगम की सत्ता दिला पाता है या नहीं।


















































