राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान की 170वीं बैठक संपन्न 

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

जयपुर . राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्‍थान की 170वीं बैठक  आज जयपुर में संजय वी. मुदालियर, अध्यक्ष, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति एवं कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा एवं वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार की सह-अध्यक्षता में संपन्न हुई। परिमिता मिश्रा, संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान एवं महाप्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा के संयोजन में आयोजित बैठक में, डॉ देबाशीष पुष्टी, अतिरिक्त सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, नीलाभ सक्सेना, आयुक्त, उद्योग विभाग, राजस्थान सरकार, विजय कुमार सिंह, अतिरिक्त महा निदेशक, साइबर अपराध, राजस्थान पुलिस, सत्येंद्र कुमार, सीईओ, RITI, राजस्थान सरकार, श्री शांतनु कुमार सिंह, उप महानिरक्षक, साइबर अपराध, राजस्थान पुलिस, धनपत राज, पुलिस अधीक्षक, साइबर अपराध, राजस्थान पुलिस, रंजीव शंकर, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, जयपुर, डॉ. आर रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, जयपुर, तथा केंद्र व राज्य के उच्चाधिकारियों तथा अन्य सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा सहभागिता की गई।

 

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) अध्यक्ष संजय वी. मुदालियर ने कहा कि साइबर अपराध बैंकिंग क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, जिसके लिए मज़बूत सुरक्षा ढाँचे और जागरूकता आवश्यक है। प्रथम तिमाही (वित्त वर्ष 2026‑27) में एसएलबीसी राजस्थान ने महत्त्वपूर्ण .कदम उठाए हैं जिसमे 21 जुलाई को सचिवालय, जयपुर में विशेष बैठक, 1930 साइबर क्राइम कॉल सेंटर का दौरा, तथा “स्मार्ट बैंकिंग एवं सेफ बैंकिंग 2.0” अभियान के अंतर्गत 3,400 से अधिक शिविरों के माध्यम से 70,000 ग्राहकों को लाभ पहुंचना मुख्य है। साथ ही, सरकार ने आरबीआई के सहयोग से यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफ़ेस (ULI) को ई‑धरती पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे भूमि अभिलेखों में ऋण संबंधी प्रविष्टियाँ ऑनलाइन और सरल होंगी। उन्होंने सभी बैंकों से अनुरोध किया कि वे साइबर अपराध के प्रति सजग रहें, वार्षिक साख योजना को प्रभावी रूप से प्राप्त करें एवं सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए वित्तीय समावेशन को मज़बूत बनाएँ।

 

बैठक के दौरान वी. श्रीनिवास, मुख्य

सचिव, राजस्थान सरकार ने साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी बैंकों से रोकथाम के लिए सक्रिय सहयोग का आग्रह किया। साथ ही विकसित राजस्थान 2047 के विज़न के चार स्तंभ—गरीब, युवा शक्ति, नारी शक्ति एवं अन्नदाता—को सम्मिलित करते हुए प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों को क्रेडिट ग्रोथ के साथ‑साथ वित्तीय समावेशन पर भी अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि समाज के हर वर्ग तक संस्थागत वित्तीय सेवाओं का लाभ पहुँच सके।

 

बैठक के दौरान, संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान, परिमिता मिश्रा ने सभी बैंकों को सभी बैंकों को वार्षिक साख योजना एवं अटल पेंशन योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के चालू तिमाही में भी इसी प्रकार बेहतर प्रदर्शन जारी रखा जाए, ताकि राज्य की वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

 

बैठक के दौरान बैंक ऑफ़ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक एवं प्रमुख (एसएलबीसी) राज कुमार मीना ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान के समस्त सदस्य बैंकों के आवंटित लक्ष्यों के सापेक्ष, व्यवसायिक मापदण्डों पर तुलनात्मक प्रस्तुतिकरण दिया। साथ ही, राज्य सरकार के पास बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित लंबित मुद्दों पर चर्चा की गयी। इस दौरान राज्य में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत की गयी प्रगति पर विवेचना की गयी। बैठक के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक तथा राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध शाखा द्वारा भी प्रस्तुति दी गई, जिसमें वित्तीय समावेशन और साइबर धोखाधड़ी पर विस्तृत चर्चा की गई।

 

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित आगंतुकों प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया।

 

 

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