लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
विधायक कालूराम मेघवाल के प्रयासों से विकास कार्यों की राशि में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी, पुनः हुए टेंडर
गंगधार, झालावाड़। झालावाड़ जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन नगर गंगधार और आसपास के गांवों के नागरिकों के लिए खुशी और गौरव का अवसर है। गंगधार के गढ़ मोहल्ला स्थित ऐतिहासिक रानी महल एवं किले के विकास और सौंदर्यीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है। लंबे समय से बदहाल और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ी इन ऐतिहासिक धरोहरों को जल्द ही नया स्वरूप मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार रानी महल और किले के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए पूर्व में टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी, लेकिन लेबर पेमेंट की दर कम होने के कारण टेंडर प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी थी। इसके बाद डग विधायक कालूराम मेघवाल ने मामले में प्रयास करते हुए दोनों विकास कार्यों की स्वीकृत राशि में 10 प्रतिशत की वृद्धि करवाने की पहल की।
राशि में वृद्धि के बाद दोनों कार्यों के लिए पुनः टेंडर प्रक्रिया आयोजित की गई, जो अब पूरी हो चुकी है। ऐसे में जल्द ही रानी महल और ऐतिहासिक किले में विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य शुरू होने की तैयारी है।
ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगी नई पहचान
विकास कार्य पूरा होने के बाद गंगधार की इन दोनों ऐतिहासिक धरोहरों को नई दिशा और नई दशा मिलने की उम्मीद है। सौंदर्यीकरण के बाद रानी महल और किला और अधिक आकर्षक स्वरूप में सामने आएंगे, जिससे क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्व को भी बढ़ावा मिल सकता है।
छोटी कालीसिंध नदी के तट पर स्थित रानी महल अपनी ऐतिहासिक एवं स्थापत्य विशेषताओं के कारण लंबे समय से क्षेत्र की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वहीं गंगधार का प्राचीन किला भी अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।
क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल
विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी के बाद गंगधार नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण से गंगधार को नई पहचान मिलने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।





















































