लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कुरेडा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुरेडा में विद्यालय समय के दौरान स्कूल परिसर में कचरा जलाए जाने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कचरे से उठे धुएं के कारण कक्षाओं का वातावरण प्रभावित हो गया, जिससे छात्रों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और घुटन जैसी समस्याएं महसूस हुईं।
जानकारी के अनुसार विद्यालय में नियमित रूप से सैकड़ों विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। स्कूल समय में परिसर में कचरा जलाने से धुआं पूरे परिसर में फैल गया और कक्षाओं तक पहुंच गया। कई विद्यार्थियों ने धुएं के कारण असहजता महसूस की, जबकि कुछ बच्चों को खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई। स्थिति ऐसी बनी कि कक्षाओं के दरवाजे और खिड़कियां बंद करनी पड़ीं, जिससे गर्मी और उमस के बीच पढ़ाई प्रभावित हुई।
घटना को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में शिक्षा देने का स्थान है। ऐसे में स्कूल समय के दौरान परिसर में कचरा जलाना बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि कचरा निस्तारण के अन्य सुरक्षित और वैज्ञानिक विकल्प उपलब्ध हैं, इसलिए विद्यालय समय में कचरा जलाने पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की कि यदि किसी कारणवश कचरा जलाना आवश्यक हो तो यह कार्य विद्यालय की छुट्टी के बाद किया जाए, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर में वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की।
अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता अभियान का उद्देश्य स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि स्कूल समय में कचरा जलाया जाता है तो इससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से इस व्यवस्था में तत्काल सुधार कर ऐसी लापरवाही पर रोक लगाने की मांग की है।















































