लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हील इन राजस्थान नीति-2025’ प्रदेश को मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (एमवीटी) के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री का विजन है कि राजस्थान केवल पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने चिकित्सा, पर्यटन, निवेश और डिजिटल नवाचार को एक मंच पर लाकर ‘हील इन राजस्थान’ पहल को आकार दिया है।
उपचार के साथ मिलेगा सांस्कृतिक विरासत का अनुभव
ऐतिहासिक धरोहरों, समृद्ध संस्कृति और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए पहचान रखने वाला राजस्थान अब चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में भी तेजी से उभर रहा है। प्रदेश में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक अब केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे।
राज्य में वर्तमान में 8 हजार से अधिक अस्पताल, 46 मेडिकल कॉलेज और 15 डेंटल कॉलेज संचालित हैं। इसके अलावा अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी और सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों का विस्तृत नेटवर्क स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।
आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुष का समन्वय
राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय का उदाहरण बन रही है। आयुर्वेद, योग, यूनानी और सिद्ध जैसी आयुष प्रणालियों को आधुनिक उपचार पद्धतियों के साथ जोड़कर मरीजों को समग्र स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से बढ़ेगी सुविधा
‘हील इन राजस्थान’ के तहत मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पोर्टल और मोबाइल एप विकसित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से मरीजों को उपचार संबंधी सभी आवश्यक जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
टेलीमेडिसिन, टेली-कंसल्टेशन, डिजिटल डायग्नोस्टिक्स और ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए चिकित्सा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनाया जा रहा है। विदेशी मरीजों के लिए बहुभाषी हेल्पलाइन सेवाओं की भी व्यवस्था की जा रही है, जिससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य अनुभव मिल सके।
निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। राजस्थान निवेश संवर्धन योजना, औद्योगिक विकास नीति और पर्यटन नीति के माध्यम से निवेशकों को विभिन्न प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
इसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित होंगे, आधुनिक चिकित्सा संस्थान विकसित होंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था
‘हील इन राजस्थान नीति-2025’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने सुदृढ़ संस्थागत तंत्र विकसित किया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति तथा चिकित्सा शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में तकनीकी समिति का गठन किया गया है।
इसके अलावा एमवीटी सेल और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सेवा प्रदाताओं और निवेशकों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य, पर्यटन और विकास का नया मॉडल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ‘हील इन राजस्थान नीति-2025’ स्वास्थ्य, पर्यटन, निवेश और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने वाली दूरदर्शी पहल के रूप में उभर रही है। यह नीति न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी, बल्कि राजस्थान को वैश्विक मेडिकल टूरिज्म मानचित्र पर एक प्रतिष्ठित स्थान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, डिजिटल नवाचार और जनकल्याणकारी नीतियों के बल पर राजस्थान आज ऐसे मॉडल के रूप में उभर रहा है, जहां “इलाज भी, विश्वास भी और विकास भी” की अवधारणा साकार होती दिखाई दे रही है।
















































