लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
दो माह तक होगा गौवंशीय पशुओं का वैक्सीनेशन
जयपुर। पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत गुरुवार को ब्यावर जिले की तिजारती सर्राफान गौशाला से राज्यव्यापी लंपी रोग प्रतिरोधक टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करेंगे। अभियान का उद्घाटन शाम 5 बजे गोशाला परिसर में होगा। दो माह तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में गौवंशीय पशुओं का व्यापक स्तर पर टीकाकरण किया जाएगा।
पशुओं के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पशुधन संरक्षण और पशुपालकों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि लंपी स्किन डिजीज गोवंश के लिए एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ पशुपालकों की आजीविका भी प्रभावित होती है। प्रदेश इस बीमारी का दंश पहले झेल चुका है, इसलिए सरकार ने समय रहते रोकथाम के लिए व्यापक टीकाकरण और जनजागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
दो माह तक चलेगा विशेष अभियान
मंत्री ने बताया कि टीकाकरण इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से राज्यभर में दो महीने तक विशेष अभियान चलाकर अधिकतम गौवंशीय पशुओं को वैक्सीन लगाई जाएगी, ताकि रोग के प्रसार को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को लंपी रोग के लक्षण, बचाव और उपचार संबंधी जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार होगा टीकाकरण
कुमावत ने बताया कि टीकाकरण कार्य भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और मानकों के अनुरूप किया जाएगा। पिछले दो वर्षों में चलाए गए अभियान के दौरान प्रदेश के लगभग 95 प्रतिशत गौवंश का टीकाकरण किया गया था, जिससे रोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ और पशुधन की हानि नगण्य रही।
वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 108.95 लाख गौवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
पहली बार रांची स्ट्रेन वैक्सीन का होगा उपयोग
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेशचंद मीना ने बताया कि इस वर्ष राज्य में पहली बार लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन के होमोलोगस रांची स्ट्रेन का उपयोग किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा इस वैक्सीन को मान्यता मिलने के बाद इसे प्रदेशव्यापी अभियान में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर माइक्रो प्लानिंग पहले ही तैयार की जा चुकी है और सभी पशु चिकित्सा संस्थानों को उनके कार्यक्षेत्र में मौजूद गौवंशीय पशुओं की संख्या के अनुसार टीकाकरण लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से अधिकतम पशुओं का टीकाकरण कर प्रदेश को लंपी रोग के खतरे से सुरक्षित रखना है।
















































