श्री चारभुजानाथ का सात दिवसीय महोत्सव हरिनाम संकीर्तन 

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 हवन-यज्ञ और शोभायात्रा के साथ संपन्न

पादूकलां। कस्बे के श्री चारभुजानाथ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय अखंड हरि कीर्तन एवं खड़ी सप्ताह महोत्सव का शनिवार को धार्मिक अनुष्ठानों, हवन-यज्ञ और भव्य शोभायात्रा के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। समापन अवसर पर पूरा मंदिर परिसर हरिनाम संकीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और चारभुजानाथ के जयकारों से गूंज उठा।

महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजानाथ के दर्शन कर दान-पुण्य एवं गौसेवा का लाभ लिया। अंतिम दिवस पर पंडित हस्तीमल उपाध्याय के सानिध्य में हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुख्य यजमान मुकेश बोहरा एवं उनकी धर्मपत्नी ने विधिवत पूजन कर यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की।

महोत्सव की श्रृंखला में शुक्रवार रात्रि को आयोजित “एक शाम चारभुजा के नाम” भजन संध्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। रानाबाई मंदिर के महंत पांचारामजी महाराज एवं भजन कलाकारों का पारंपरिक रूप से माला व शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया।

भजन गायक सुशील भादू (नथावड़ी) ने गणपति वंदना से शुरुआत कर गुरु महिमा, राम भक्ति और चारभुजानाथ की महिमा का गुणगान किया। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे। वहीं कैलाश वैष्णव ने भी अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

शनिवार को शोभायात्रा के दौरान पूरा गांव भक्ति रंग में रंगा नजर आया। डीजे पर बजते भजनों और राजस्थानी लोकगीतों पर श्रद्धालु झूमते हुए शामिल हुए। गुलाल उड़ाते हुए निकली शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदिर पहुंची, जहां महाआरती के साथ सात दिवसीय महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।

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