लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सांसद हरीश चंद्र मीना ने उठाया मुद्दा, कहा—80 साल बाद भी जिला मुख्यालय रेल से वंचित
उनियारा | (दुर्योधन मयंक) हरीश चंद्र मीना ने लोकसभा में टोंक जिला मुख्यालय को रेल से जोड़ने की वर्षों पुरानी मांग को जोरदार तरीके से उठाया। बजट सत्र के दौरान ‘लोक महत्व के मुद्दे’ पर बोलते हुए उन्होंने इस समस्या को क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
“आज तक नहीं देखी अपने शहर में रेल”
सांसद मीना ने भावुक होते हुए कहा कि वे ऐसे जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां आजादी के 80 साल बाद भी रेल सुविधा नहीं पहुंच पाई है।
उन्होंने कहा कि:
- विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए
- मरीजों को इलाज के लिए
- किसानों को आवागमन के लिए
जयपुर या कोटा जाना पड़ता है।
सरकार के नारों पर उठाए सवाल
सांसद ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘सबका प्रयास’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद टोंक अब भी बुनियादी सुविधा से वंचित है।
उन्होंने सरकार से वादों को पूरा करने की अपील की।
नसीराबाद के रास्ते रेल लाइन का प्रस्ताव
हरीश चंद्र मीना ने सुझाव दिया कि टोंक को अजमेर से वाया नसीराबाद रेल लाइन के माध्यम से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि रेल कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र का औद्योगिक और सामाजिक विकास संभव नहीं है।
विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की अपील
अपने संबोधन के अंत में सांसद ने सदन से हाथ जोड़कर अपील की कि टोंक जिले को जल्द से जल्द रेल नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि यहां के लोग भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकें।
यह मुद्दा लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग रहा है और अब एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जोरदार तरीके से उठाया गया है।

















































