लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बीकानेर। मानव चेतना जागृति प्रन्यास के तत्वाधान में श्री राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्री रामचरितमानस की कथा के तीसरे दिन की कथा में आचार्य राजेंद्र जोशी ने रामचरितमानस के विवाह प्रसंग का श्रृंगार रस और विभिन्न राग-रागिनियों के माध्यम से प्रसंग अनुसार सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम का चरित्र जीवन में उतारना चाहिए, क्योंकि श्री राम भारत की आत्मा हैं।
इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और श्रोताओं को धर्म के मर्म पर गहराई से चिंतन करने तथा अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया। उन्होंने मोनी बाबा के साथ बिताए हुए साधनात्मक प्रसंग बताए और भक्ति के अलग-अलग स्तरों के बारे में समझाया—कब भगवान ध्वनि के रूप में, कब किसी संत या गुरु के रूप में, और कभी स्वप्न में हमें अपने स्वरूप का दर्शन देते हैं। उन्होंने कहा कि यह भक्ति की उत्तरोत्तर वृद्धि का प्रतीक है।
श्रोताओं ने डॉ. बी.डी. कल्ला के अनुभव और मार्गदर्शन को सुनकर भाव-विभोर होकर भक्ति की अनुभूति की।
आचार्य राजेंद्र जोशी ने बताया कि कथा का आयोजन बीकानेर शहर की आध्यात्मिक संपदा, गरिमा और बेजुबान जीव-जंतुओं के जीवन को श्रेष्ठ बनाने के उद्देश्य से किया गया है। कथा 26 मार्च तक जारी रहेगी, जिसमें परम पूज्य स्वामी विमर्शानंद गिरी और कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित के आशीर्वचन और मार्गदर्शन के माध्यम से श्रोताओं को संकल्प की पूर्ति का अवसर मिलेगा।













































