लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कुशल वित्तीय प्रबंधन के नए आयाम स्थापित करते हुए स्वयं के कर राजस्व में उल्लेखनीय और सतत वृद्धि दर्ज की है।
आय-व्ययक अध्ययन 2026-27 के अनुसार वर्ष 2022-23 में राज्य का स्वयं का कर राजस्व 87,347 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2023-24 में 7.72 प्रतिशत वृद्धि के साथ 94,086 करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2024-25 में यह 9.80 प्रतिशत बढ़कर 1,03,310 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
2025-26 में 34.10% की वृद्धि
संशोधित अनुमान 2025-26 में कर राजस्व 34.10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,38,540 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, बजट अनुमान 2026-27 में इसे 1,62,668 करोड़ रुपये रखने का लक्ष्य है, जो पिछले वर्ष से लगभग 17.41 प्रतिशत अधिक है। यह राशि वर्ष 2023-24 की तुलना में करीब 72.9 प्रतिशत अधिक अनुमानित है।
अनुशासित कर प्रणाली और डिजिटलीकरण का असर
राज्य सरकार की अनुशासित कर पद्धति, डिजिटलीकरण को बढ़ावा और निरंतर सुधारों के चलते राज्य वस्तु एवं सेवा कर, राज्य उत्पाद शुल्क, मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क, भू-राजस्व और बिक्री कर जैसे प्रमुख मदों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
कल्याणकारी योजनाओं को मिलेगा बल
राजस्व में यह बढ़ोतरी बुनियादी ढांचे, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अधिक निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
















































