लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर (नितिन मेहरा)। देश की 16वीं और प्रथम डिजिटल जनगणना-2027 के तहत आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का निरीक्षण संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने सिविल लाइन्स स्थित डिजाइन ईकोल महाविद्यालय पहुंचकर किया। उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स और प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कागज दिखाने की आवश्यकता नहीं
संभागीय आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आमजन को जनगणना के लिए कोई दस्तावेज जमा या प्रदर्शित करने की आवश्यकता नहीं है। नागरिकों से केवल 33 निर्धारित बिंदुओं पर मौखिक जानकारी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि अजमेर में यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचाया जाए, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
मकान से मोबाइल तक होगी पूछताछ
पहले चरण यानी मकान सूचीकरण में भवन संख्या, पेयजल स्रोत, रसोई ईंधन (एलपीजी/पीएनजी), शौचालय सुविधा और घर में उपलब्ध डिजिटल साधन जैसे मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट संबंधी जानकारी ली जाएगी। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की आवास और पेयजल योजनाएं तैयार की जाएंगी।
राष्ट्र सेवा का महायज्ञ
राठौड़ ने विभागीय व्यस्तताओं के बावजूद प्रशिक्षण में भाग ले रहे कार्मिकों की सराहना की और कहा कि डेटा की शुद्धता ही जनगणना की सफलता की कुंजी है।
तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स डी.आर. गांधी और सतीश बसंदानी ने मोबाइल ऐप और सीएमएमएस पोर्टल पर डेटा एंट्री का लाइव डेमो दिया। उन्होंने नजरी नक्शा तैयार करने और ब्लॉक सीमाओं के निर्धारण की प्रक्रिया समझाई।
संयुक्त निदेशक (आर्थिक एवं सांख्यिकी) फूल सिंह ने बताया कि मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य जनगणना निदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। प्रशिक्षण संचालन अमृतलाल खटीक, सहायक निदेशक द्वारा किया गया।











































