लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के अधीनस्थ राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI), दुर्गापुरा का दौरा कर विभिन्न कृषि अनुसंधान गतिविधियों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान मंत्री ने गेहूं, जौ और चना की उन्नत किस्मों पर चल रहे शोध कार्यों और प्रायोगिक खेतों का अवलोकन किया। वैज्ञानिकों ने उन्हें उच्च उत्पादन देने वाली, कम पानी में बेहतर पैदावार करने वाली और रोग-प्रतिरोधी किस्मों की विशेषताओं से अवगत कराया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन शोध कार्यों का विस्तार गांव-गांव तक होना चाहिए, ताकि किसान सीधे लाभान्वित हों। उन्होंने जौ उत्पादन में कमी को ध्यान में रखते हुए इसके रकबे को बढ़ाने और माल्ट उद्योग से जुड़े किसानों को बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया। चना अनुसंधान और दलहन उत्पादन को देश की पोषण सुरक्षा से जोड़ते हुए उन्होंने नए बाजार अवसर सृजन और बायोफोर्टिफाइड फसलों पर अनुसंधान बढ़ाने की आवश्यकता जताई।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कृषि अनुसंधान संस्थानों और उनकी भूमि की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है, ताकि अनुसंधान प्रभावित न हो और इसका सीधा लाभ किसानों को मिले। अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौते के संदर्भ में उन्होंने भरोसा दिलाया कि इससे भारतीय किसानों और पशुपालकों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि राजस्थान के मसालों और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे।
इस अवसर पर जयपुर ग्रामीण के सांसद राव राजेन्द्र सिंह, विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान, संस्थान निदेशक डॉ. सुरेन्द्र सिंह मनोहर और अन्य अधिकारी व वैज्ञानिक उपस्थित रहे।
दौरे के अंत में आयोजित समीक्षा बैठक में गेहूं, जौ और चना की उन्नत किस्मों के विकास, उत्पादन वृद्धि और भावी अनुसंधान योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि अनुसंधान का अंतिम उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, उत्पादन क्षमता का विस्तार और देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।















































