लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर (प्रदीप कुमार डागा)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित शिव चरित्र कथा एवं शिव-पार्वती विवाहोत्सव के अंतिम दिन श्री राम सेवा आश्रम वृंदावन के संत लक्ष्मण दास महाराज ने भावपूर्ण प्रवचन दिए। उन्होंने शिव-गौरी विवाह का ऐसा सजीव वर्णन किया कि श्रद्धालुओं को लगा मानो वे स्वयं उस दिव्य विवाह के साक्षी हों।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव की बारात में ब्रह्मा और विष्णु जैसे देवताओं के साथ शिवगणों की अद्भुत उपस्थिति थी। माता पार्वती ने कठोर तपस्या के बल पर भगवान शिव को प्राप्त किया और महाशिवरात्रि के दिन उनका विवाह संपन्न हुआ।
संत लक्ष्मण दास जी ने सनातन धर्म के उपहास पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विवाह एक पवित्र संस्कार है, इसे केवल ‘इवेंट’ न बनाया जाए। साथ ही उन्होंने आचरण संबंधी शिक्षाएं देते हुए बड़ों के समक्ष मर्यादा बनाए रखने का संदेश दिया।
आयोजन के चौथे एवं अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। महिलाओं को सुहाग सामग्री प्रसाद स्वरूप वितरित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश पूजन, षोडश मातृका पूजन एवं नवग्रह पूजन से हुई तथा सामूहिक रुद्राभिषेक किया गया।
कथा में शहर के गणमान्य नागरिकों सहित न्यायिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। सत्संग, आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।















































