लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (आर एन सांवरिया)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को विकसित राजस्थान–2047 के लक्ष्य की दिशा में ऐतिहासिक और परिणामोन्मुखी कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल वित्तीय प्रबंधन का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के सर्वांगीण, समावेशी और संतुलित विकास का स्पष्ट रोडमैप है।
गहलोत ने कहा कि बजट में सामाजिक न्याय, युवा सशक्तिकरण, महिला उत्थान, किसान कल्याण और गरीब वर्ग के जीवन स्तर में सुधार को प्राथमिकता दी गई है। ‘राज सवेरा’ योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त बनाने का संकल्प तथा घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू वर्ग के बच्चों के लिए ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ जैसी पहल समाज के अंतिम पंक्ति तक विकास पहुंचाने की सोच को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना, युवाओं के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग, संभागीय मुख्यालयों पर प्लग एंड प्ले सुविधा और जिला मुख्यालयों के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान जैसी घोषणाएं प्रदेश में रोजगार, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को नई गति देंगी।
बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन और कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में की गई घोषणाओं को उन्होंने विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
अविनाश गहलोत ने कहा कि यह बजट सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है तथा विकसित राजस्थान–2047 का संकल्प जन-जन की आकांक्षाओं को साकार करने का सामूहिक अभियान है।




















































