लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नवीन भवन निर्माण को लेकर प्रमुख शासन सचिव से मौके पर संवाद, व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
राजसमंद (गौतम शर्मा)। जिले में पशुपालकों को सुदृढ़ और बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने शनिवार को किशोर नगर स्थित बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि वर्ष 2024 में चिकित्सालय के नवीन भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन हो चुका है, लेकिन बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।
इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर ने निरीक्षण स्थल से ही पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव से दूरभाष पर संवाद कर पूरे प्रकरण की जानकारी दी। प्रमुख शासन सचिव ने शीघ्र अग्रिम कार्रवाई का आश्वासन दिया। कलक्टर की पहल के बाद विभागीय अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही नए भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा।
चिकित्सा सेवाओं, दवाओं और स्टाफ की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने पशु चिकित्सा सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की स्थिति, साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण और स्टाफ की उपस्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने उपचार कक्ष, दवा भंडार सहित चिकित्सालय परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
पशुपालकों को समयबद्ध व संवेदनशील सेवाओं के निर्देश
कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें समयबद्ध, संवेदनशील व प्रभावी उपचार सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने दवाओं की नियमित उपलब्धता, आपातकालीन उपचार व्यवस्था और पशुपालकों को रोगों से बचाव संबंधी जानकारी देने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग शक्ति सिंह सहित अन्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पशुपालन विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धड़कन: कलक्टर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने कहा कि पशुपालन विभाग केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धड़कन और किसान की आशा का सहारा है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों से जुड़े निर्णयों में आजीविका, पशुओं का जीवन और समाज का विश्वास जुड़ा होता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्तव्य निर्वहन तभी सार्थक है जब नियमों के साथ करुणा और अधिकारों के साथ उत्तरदायित्व का संतुलन बना रहे। पशु चिकित्सकों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि आपदा के समय पशुओं का संरक्षण और पशुपालकों का भरोसा बनाए रखना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के अंत में जिला कलक्टर ने व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण जारी रहेंगे, जिससे पशुपालन सेवाओं को और अधिक प्रभावी व जनोपयोगी बनाया जा सके।








































