लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा कर 108 परिक्रमा लगाई
उनियारा (निर्मल गुप्ता)। जया एकादशी के पावन अवसर पर उनियारा शहर में श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। शहर के प्रमुख मंदिरों—श्री चारभुजा नाथ, श्री राम रघुनाथ, छप्पन जी महाराज, प्याल के बालाजी एवं सत्यनारायण मंदिर—में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
जया एकादशी के अवसर पर श्रद्धालु महिलाओं ने प्रातः पवित्र सरोवर में स्नान कर मंदिर की सीढ़ियों को जल से धोया, दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए तथा मंदिर में प्रवेश किया। इसके पश्चात भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई। भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालु महिलाओं ने 108 परिक्रमा लगाकर प्रभु की आराधना की।
परिक्रमा पूर्ण करने के बाद श्रद्धालु महिलाओं ने मंदिर परिसर में बैठकर भजनों के माध्यम से भगवान का गुणगान किया। इस दौरान पुजारी द्वारा भगवान श्री चारभुजा नाथ की आकर्षक झांकी सजाई गई तथा श्रद्धालुओं को जया एकादशी की कथा का श्रवण कराया गया।
मोक्ष और पाप मुक्ति का पर्व मानी जाती है जया एकादशी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी मोक्ष, पाप मुक्ति तथा भूत-प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियों पर विजय दिलाने वाला अत्यंत पुण्यदायी व्रत माना जाता है। कहा जाता है कि इस व्रत के पालन से जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति एवं कठिन कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। मान्यता है कि जया एकादशी का व्रत करने से ब्रह्म हत्या जैसे महान पाप से भी मुक्ति मिलती है और व्रती को वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।
श्रद्धालु महिलाओं ने दिनभर उपवास रखकर सायंकाल फलाहार के साथ उपवास खोला तथा विश्व शांति एवं परिवार के कल्याण की कामना की।


















































