लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर(रूपनारायण सांवरिया)। भारतीय जनता पार्टी के हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने कांग्रेस नेताओं द्वारा एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया पर दिए जा रहे आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराई जा रही प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची से बाहरी व्यक्ति, मृतक और डुप्लीकेट नाम हटाना है।
महाराज ने कहा, “राजस्थान में चुनाव आयोग ने उपचुनाव भी पूरी पारदर्शिता के साथ कराए हैं। यदि चुनाव प्रक्रिया में कोई पक्षपात होता, तो कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलती। बार-बार झूठे आरोप लगाने से कोई लाभ नहीं होने वाला।”
विधायक ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर का विरोध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के वोट कटने की आशंका से उत्पन्न हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि अवैध रूप से यहां रहकर मुफ्त राशन और योजनाओं का लाभ लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों है।
महाराज ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची से नाम काटने का अधिकार किसी नेता का नहीं है, बल्कि यह चुनाव आयोग की वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। “यदि कोई व्यक्ति वैध दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसका नाम नहीं कटेगा। फर्जी मतदान, एक व्यक्ति का कई राज्यों में वोटर होना या बाहरी लोगों द्वारा गलत तरीके से लाभ उठाना लोकतंत्र के खिलाफ है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने हवामहल विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कई जगहों पर कागजों में दर्ज मतदाता वास्तविकता में मौजूद नहीं हैं। उदाहरण के तौर पर मकान नंबर 333 में 39 लोग दर्ज हैं, जबकि मौके पर कोई नहीं रहता। इसी प्रकार मकान नंबर 572 में 65 नाम दर्ज हैं, जबकि वहां एक भी व्यक्ति नहीं है। 105 से 107 वर्ष की आयु वाली महिलाओं के नाम भी दर्ज हैं, जबकि मौके पर कोई नहीं है। महाराज ने इसे कांग्रेस काल के फर्जीवाड़े का उदाहरण बताया।
स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने आगे कहा कि भाजपा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती। “प्रदेश का हर नागरिक हमारी जिम्मेदारी है। राम हो या रहीम, सेवा करना हमारा धर्म है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने केवल मौज-मस्ती की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को सेवा का अवसर मिला है। प्रदेश में चहुंमुखी विकास हो रहा है और भाजपा ने दो वर्षों में कांग्रेस को एक भी ठोस मुद्दा या भ्रष्टाचार का उदाहरण नहीं दिया।”













































