लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
स्वर्ण जयंती पार्क को ‘ऑक्सीजन पार्क’ बनाने पर दिया जोर, विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष ध्यान
जयपुर | आर. एन. सांवरिया
जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने शनिवार को विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्यों और जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु विभिन्न स्थानों का दौरा किया। यह दौरा क्षेत्रीय विधायक एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की मंशा और निर्देशों के अनुरूप क्षेत्र के सुनियोजित विकास को गति देने के उद्देश्य से किया गया।

दौरे का उद्देश्य और निर्देश
जेडीसी ने मौके पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
दौरे की शुरुआत स्वर्ण जयंती पार्क (अल्का सिनेमा के पास) से हुई, जहां जेडीसी ने पार्क को बजट घोषणा के अनुरूप ‘ऑक्सीजन पार्क’ के रूप में विकसित करने की परामर्शदाता वास्तुकार से जानकारी ली और इसे जल्द मूर्त रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्क के बाहरी क्षेत्र और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश प्रदान किए।
इसके अलावा जेडीसी ने सीकर रोड और सेक्टर रोड पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की, यातायात प्रबंधन सुधारने और लोहा मंडी के आसपास की सड़क परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।

स्वर्ण जयंती पार्क – डिज़ाइन और क्षेत्र विवरण
परियोजना क्षेत्र: लगभग 25.00 हेक्टेयर
मुख्य ज़ोन:
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ऑक्सीजन पार्क (≈4.20 हेक्टेयर): पर्यावरणीय विश्राम स्थल, गार्डन स्कल्पचर, ग्रीन आर्च, म्यूज़िकल फाउंटेन, वॉकिंग ट्रैक और ओपन-एयर थिएटर।
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बाल क्षेत्र और साइंस पार्क (≈3.80 हेक्टेयर): डायनासोर थीम प्रवेश द्वार, भूलभुलैया उद्यान, विज्ञान-थीम खेल उपकरण, झरनानुमा जल संरचनाएँ, लिली पूल और कैफ़े।
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मजार डैम (≈8.90 हेक्टेयर): झील, वर्षा जल संग्रह, विकसित तटबंध, सघन वृक्षारोपण और 3.8 हेक्टेयर का मियावाकी वन।
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गतिविधि क्षेत्र और पार्किंग: 1.0 कि.मी. लंबा अप्रोच रोड, प्रवेश प्लाज़ा में रिसेप्शन, टिकट काउंटर और राष्ट्रीय ध्वज।

विशेष आकर्षण:
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बहुरंगी बोगनवेलिया पौधों से फूलों की घाटी
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वर्षा जल नालों पर पुल और लैंडस्केपेड मार्ग
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बच्चों और परिवारों के लिए अनुभवात्मक गतिविधियाँ
अनुमानित लागत: ₹65.00 करोड़

परियोजना महत्व
स्वर्ण जयंती पार्क विकसित होने के पश्चात जयपुर शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक बन सकता है और नागरिकों के लिए एक सामाजिक, पर्यावरणीय और शैक्षणिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा।











































