लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
किसान परिवार के युवक ने रचा इतिहास
नावां सिटी | रिपोर्टर: मनीष पारीक
मेहनत, लगन और आत्मविश्वास किसी भी अभाव को पीछे छोड़ सकते हैं—इस कहावत को ग्राम सामोता का बास निवासी युवक रमेश सामोता ने चरितार्थ किया। आर्थिक कठिनाइयों और पारिवारिक संघर्षों के बावजूद रमेश ने एक साथ पाँच अलग-अलग सरकारी सेवाओं में चयन पाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
रमेश सामोता, स्वर्गीय श्रवण राम सामोता के सुपुत्र हैं। सीमित संसाधनों में पले-बढ़े रमेश ने परिस्थितियों को अपने लक्ष्य के आड़े नहीं आने दिया। कठिन परिश्रम, अनुशासित दिनचर्या और निरंतर अध्ययन के बल पर उन्होंने सरकारी सेवाओं की कठिन परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
पांच सरकारी सेवाओं में चयन
रमेश का चयन निम्नलिखित सरकारी सेवाओं में हुआ है:
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राजस्थान पुलिस (दूरसंचार)
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परिचालक भर्ती
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मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES)
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
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वाहन चालक पद
एक साथ इतनी सेवाओं में चयनित होना अपने आप में दुर्लभ उपलब्धि मानी जा रही है और इसे क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
परिवार और गांव में हर्षोल्लास
रमेश के बड़े भाई एडवोकेट शिवपाल सामोता एवं जे.पी. सामोता ने बताया कि छोटे भाई ने विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और निरंतर परिश्रम करते हुए यह मुकाम हासिल किया।
रमेश की सफलता की खबर फैलते ही गांव सामोता का बास सहित आसपास के क्षेत्रों में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों, समाजबंधुओं और शुभचिंतकों ने रमेश को बधाइयाँ देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संदेश ग्रामीण और किसान परिवार के युवाओं के लिए
इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों और कठिन परिश्रम के सामने कोई लक्ष्य असंभव नहीं। रमेश सामोता की कहानी ग्रामीण और किसान परिवारों के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि संसाधनों की कमी कभी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। आवश्यक है केवल सही दिशा, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास।










































