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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पीसांगन,अजमेर ‘ स्थानीय संवाददाता ओमप्रकाश चौधरी
आशीष की पत्नी है 7 माह की गर्भवती
पीसांगन के लेसवा में बजरी से भरा डंपर बाइक सवार दो भाइयों पर पलटा,
ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन…..
पीसांगन थाना क्षेत्र के लेसवा गांव में शुक्रवार रात करीब पौने 9 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पुष्कर रोड़ पर बजरी से भरा एक डंपर चलती बाइक पर पलट गया, जिससे बाइक सवार दो सगे भाई इसकी चपेट में आ गए। हादसे में गोविंदगढ़ निवासी 25 वर्षीय अभिषेक सेन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका 22 वर्षीय भाई आशीष सेन गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसकी शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
एक परिवार में दो जवान बेटों की मौत से कोहराम मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अभिषेक सेन और उसका भाई आशीष सेन रोजाना की तरह पुष्कर में मेहनत-मजदूरी का काम कर बाइक से अपने गांव गोविंदगढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान गोविंदगढ़ की ओर से पुष्कर की तरफ जा रहा बजरी से भरा डंपर अचानक असंतुलित होकर उनकी बाइक पर पलट गया। डंपर के नीचे दबने से अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आशीष गंभीर रूप से घायल हो गया। आशीष की भी आज रात के दौरान मौत हो गई। 
हादसे की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी मय जाब्ता मौके पर पहुंची। दोनों भाइयों को पुष्कर अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद घायल आशीष की हालत गंभीर होने पर उसे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल अजमेर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतक और घायल के पिता का नाम कैलाश सेन बताया गया है। दोनों भाई पुष्कर में राजमिस्त्री का कार्य करते थे। जानकारी के अनुसार बजरी से भरे डंपर का मालिक पुष्कर निवासी जय सांखला पुत्र हेमराज बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले कि जांच शुरू करते हुए हादसे के कारणों की पड़ताल में जुट गई है।
दो भाइयों की मौत से टूटा परिवार पत्नी हुई विधवा 7 महीने की थी गर्भवती
आशीष और अभिषेक तीन बहन भाई थे । आशीष की शादी हो चुकी थी, पत्नी दीपिका 7 महीने की गर्भवती बताइ जा रही है। आशीष और एक बहन अभी अविवाहित थे। दो जवान बेटों की मौत से पूरे परिवार में कोहरा मचा हुआ है माता चारों तरफ चीत्कार मचा है रोने- चीखने की आवाज़ सुनाई दे रही है । मां ,बहन और पत्नी का रो- रो कर बुरा हाल है। पिता की आंखें भर रही है बार-बार गश खा रहे हैं। गांव में जिसने भी हादसे के बारे में सुना सबके आंखें नम है। सबका एक ही करना है ईश्वर तूने यह क्या किया घर के दो-दो चिराग एक साथ छीन लिए। गांव में भी सुबह से किसी के चूल्हे नहीं जले।
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