लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)
जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुंदली में एसएमसी (School Management Committee) और एसडीएमसी (School Development & Monitoring Committee) सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य सदस्यों में जागरूकता पैदा करना और उनकी क्षमता संवर्धन करना था।
विद्यालय के प्रधानाचार्य नेमीचंद खारीवाल ने उद्घाटन सत्र में सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कार्यकारिणी सदस्यों को विद्यालय और समुदाय की महत्वपूर्ण योजक कड़ी बताया।
मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत गुंदली के प्रशासक शंभू लाल गुर्जर रहे। प्रशिक्षण में केआरपी महेश मंडोवरा ने एसएमसी व एसडीएमसी सदस्यों को उनके अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालयों में नामांकन, ठहराव एवं उपस्थिति, सामुदायिक जागरूकता, शिक्षा के अधिकार अधिनियम, समग्र शिक्षा की गतिविधियाँ, मिड-डे मील, बाल अधिकार, बाल सभा, हरित पाठशाला, अक्षय पेटिका, समावेशी शिक्षा, अभिभावक-शिक्षक संवाद, विद्यालय योजना निर्माण, जनसहयोग, विद्यालय में संधारित लेखों का सामाजिक अंकेक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण में जुलेखा मसरत बानू, सुनीता मिश्रा, सुशीला बघेरवाल, रामेश्वर लाल धोबी, ऋचा यादव, दिनेश गाडरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं में रतन कंवर राठौड़, स्नेहलता नुवाल और अंकिता जोशी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में उप-प्रधानाचार्य जुलेखा मसरत बानू ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
केआरपी मंडोवरा ने कहा कि एसएमसी और एसडीएमसी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी विद्यालय विकास में महती भूमिका निभाती है।













































