लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)। सर्द मौसम के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई। सवाईमाधोपुर जिले के चौथ के बरवाड़ा स्थित मां चौथ भवानी के दर्शनार्थ भारी संख्या में पद यात्री पैदल यात्रा पर निकले हुए हैं। संकट चतुर्थी का पर्व मंगलवार को है, लेकिन दूर-दराज के श्रद्धालु कई दिन पहले से ही यात्रा में जुटे हैं।
सोमवार को पद यात्रियों के जत्थे नगरफोर्ट स्टेट हाईवे 34A, नेशनल हाइवे NH 148D, टोंक-सवाईमाधोपुर नेशनल हाईवे 116, तथा उनियारा-इंद्रगढ़ स्टेट हाईवे पर गुजरते नजर आए।
पद यात्रियों की सुविधा के लिए उनियारा, पलाई, चतरपुरा, महाराजपुरा, ककोड़, खलनियाँ, अलीगढ़, खेड़ली, चौरू और पचाला सहित कई मार्गों पर भक्तों ने भंडारे और स्टाल लगाए हैं। यात्रियों को पेटभर भोजन, चाय और अल्पाहार मान-मनुहार के साथ दिया जा रहा है। सर्दी से राहत के लिए कई स्थानों पर अलाव भी जलाए गए हैं।
भक्तों का कहना है कि बरवाड़ा में माघ मास की संकट चतुर्थी या तिलकुटी चौथ पर मां चौथ भवानी के दर्शन मात्र से संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन मां से मांगी गई मुरादें कभी खाली नहीं जाती।
पद यात्रा के दौरान श्रद्धालु रात में विश्राम करते हैं और फिर अगले पड़ाव के लिए रवाना होते हैं। यात्रा में कई बाधाएं आती हैं, लेकिन सच्चे मन और श्रद्धा से की गई यात्रा में सभी कठिनाइयां दूर हो जाती हैं।
संकट चौथ के दिन मा पार्वती और उनके पुत्र भगवान गणेश बरवाड़ा में विराजमान होते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और गणेशजी की पूजा-अर्चना करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और इच्छाओं की पूर्ति होती है। साथ ही तिलदान का विशेष महत्व है, और भगवान गणेश को तिल के लड्डू भोग के रूप में अर्पित किए जाते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, विघ्न विनाशक भगवान गणेश की पूजा से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और जीवन में अड़चनें कम होती हैं।













































