लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां। कस्बे के मेड़ता सिटी रोड स्थित राना मैरिज गार्डन में रविवार को श्री गायत्री प्रज्ञा पीठ एवं शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव का आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को जीवंत किया।
यज्ञ में 31 जोड़ों ने अर्पित की आहुतियां
महायज्ञ में गायत्री परिवार के प्रांतीय प्रतिनिधि गोपाल स्वामी की उपस्थिति में 31 जोड़ों ने विधिवत आहुति अर्पित की। मुख्य यजमान राजाराम गोरा एवं धर्मपत्नी और राजूराम गोरा एवं धर्मपत्नी ने गायत्री माता, गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा का वैदिक विधि-विधान से पूजन कर यज्ञ में योगदान दिया।
108 ने लिया दीक्षा, जीवन में बुराइयां छोड़ने और पौधरोपण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान 108 महिला-पुरुष एवं युवाओं ने दीक्षा संस्कार ग्रहण कर अपने जीवन में कम से कम एक बुराई छोड़ने का संकल्प लिया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के संदेश के तहत सभी को अपने घर या खेत में एक पौधा लगाने का आह्वान किया गया।
प्रदेश में 1008 यज्ञों का शुभारंभ
समापन समारोह के मुख्य अतिथि आरटीओ नेमीचंद पारीक ने देव पूजन कर कहा कि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के आदर्शों को जीवन में उतारना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में वर्षभर में 1008 गायत्री यज्ञ आयोजित किए जाएंगे, जिनकी शुरुआत पादूकलां से हुई है।
भामाशाहों और समाजसेवियों का सम्मान
कार्यक्रम में अखिल भारतीय पारीक समाज पारीक आश्रम पुष्कर के संयोजक रामनिवास पारीक, सचिव सुरेंद्रकुमार जोशी, शैलेशकुमार जोशी, मोहनलाल पारीक, ओमप्रकाश पारीक सहित अनेक समाजसेवी, भामाशाह और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यज्ञ में सहयोग देने वाले देवकन्याओं, देवपुत्रों और अन्य विशिष्टजनों का सम्मान भी किया गया।
गायत्री महिला मंडल का गठन
महायज्ञ के दौरान गायत्री परिवार के निर्मल पारीक के नेतृत्व में गायत्री महिला मंडल का गठन किया गया, जिसमें पांच महिलाओं का माला पहनाकर स्वागत किया गया।
इस महायज्ञ ने पादूकलां में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया और समाज में धार्मिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और जीवन सुधार का संदेश दिया।











































