- Advertisement -
लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
युवाओं के दिल में देश की संस्कृति तो देश का पतन कभी नहीं हो सकता — सुखदेव महाराज
नवीन कुमावत
किशनगढ़ रेनवाल। निकटवर्ती बधाल कस्बे स्थित प्रिंस महाविद्यालय में राष्ट्रीय आध्यात्मिक ज्ञान सेवा केंद्र के तत्वावधान में चल रहे चार दिवसीय आध्यात्मिक ज्ञान योग प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ।
राष्ट्र एवं समाज हितार्थ व्यक्ति निर्माण की दृष्टि से चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में केंद्र के संस्थापक सुखदेव जी महाराज के संग राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्नालाल, उपाध्यक्ष बाबूलाल, बन्नू भारती, महाविद्यालय प्रबंधक आदेश ने भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्रों पर माल्यार्पण, पूजन के बाद सामूहिक वंदना की। इस अवसर पर केंद्र संस्थापक सुखदेव जी महाराज ने कहा कि जिस देश के युवाओं के हृदय पर अपने देश की संस्कृति, इतिहास व शौर्यगाथा अंकित है, वह कभी पतित नहीं होता, अपितु वह निरंतर प्रगति करता है।महाविद्यालय प्रबंधक ने कहा कि राष्ट्र एवं आध्यात्मिक चेतना सहित युवा पीढ़ी में सदसंस्कार पैदा करने वाले शिविरों का लगना समय की आवश्यकता है। गुढ़ा साल्ट के धर्मेंद्र महाराज ने “सतत रत हो सेवा पथ पर बढ़ते जाना,घोर तम में दीप बन जलना हमें है” काव्य गीत प्रस्तुत किया। आराधना फाउंडेशन के निदेशक भरत कुमार ने अपने उद्बोधन में बताया कि आध्यात्मिक ज्ञान ही हमें अज्ञान,अवसाद,भय व चिंताग्रस्त परिस्थितियों से मुक्त करता है। शिविर संयोजक गिरधारी महाराज ने निरंतर साधना,कर्तव्य निष्ठा एवं समाज संगठन की महत्ता पर प्रकाश डाला। सामूहिक प्रार्थना,भोजन प्रसादी के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस मौके पर रामेश्वर, बंशी लाल, धन्नालाल,गणपत, मुकेश इंदौर आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।
- Advertisement -
















































