लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (आर.एन. सांवरिया)। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद द्वारा आयोजित सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में सोमवार को NIF ग्लोबल (कमला पोद्दार ग्रुप) एवं राजीविका के संयुक्त तत्वावधान में विशेष कौशल-विकास वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप का उद्देश्य प्रतिभागियों को पारंपरिक हस्तकलाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनके रचनात्मक कौशल को निखारना और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करना रहा।
वर्कशॉप में प्रतिभागियों को वर्ली पेंटिंग, क्रोशिया कला एवं सुंदर कढ़ाई जैसी पारंपरिक हस्तकलाओं की बारीकियां सिखाई गईं। अनुभवी प्रशिक्षकों ने डिज़ाइन तकनीक, आधुनिक उपयोग और विपणन संभावनाओं पर भी जानकारी दी। इसमें 15 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं सहित 10 अन्य आगंतुकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सरस राजसखी मेला सोशल मीडिया पर भी खासा चर्चा में है। जयपुर सहित देशभर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स मेले की कला, संस्कृति और उत्पादों को रील्स व पोस्ट्स के माध्यम से साझा कर रहे हैं, जिससे मेले को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है।
सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड से आए लोक कलाकार अमित सिंह बिष्ट और उनकी टीम ने त्रितय चौपला की मनमोहक प्रस्तुति दी। गढ़वाल क्षेत्र का यह पारंपरिक लोकनृत्य बसंत ऋतु और फसल कटाई के अवसर पर किया जाता है, जिसमें सामूहिक आनंद, प्रकृति की सुंदरता और जीवन के रंगों का जीवंत चित्रण देखने को मिला।
सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 रचनात्मक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कौशल-विकास पहलों के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।











































