लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर (प्रदीप कुमार डागा)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर परिषद सभागार में गुरुवार को आयोजित बैठक में राजस्थान सरकार के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता और नगर निकाय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य जिले में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी, सुदृढ़ और जनभागीदारी के माध्यम से सुधारना था।
नगर परिषद आयुक्त गोविंद सिंह भींचर ने बताया कि नगर परिषद लगातार नवाचार कर घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, पार्कों का रखरखाव, प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, सड़क नालियों की मरम्मत, डिवाइडर पर रंगरोगन और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।
ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन का रूप देना आवश्यक है। इसके लिए स्कूलों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने वार्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करने और नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया।
गुप्ता ने डूंगरपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और परिश्रम से विषम परिस्थितियों को भी सम बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल मिशन नहीं, बल्कि जन आंदोलन है। यदि हर नागरिक ठान ले कि मैं स्वच्छता में सहयोग करूंगा, तो कोई भी ताकत भारत को पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाने से रोक नहीं सकती।
उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि सभी निकायों का पहला कर्तव्य स्वच्छता बनाए रखना है। घर-घर शौचालय, खुले में कचरा न डालना, मार्गों और गलियों की सफाई—ये सभी महत्वपूर्ण कदम हैं। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हर निकाय स्तर पर दो व्यक्तियों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
स्वच्छता कार्यों की निगरानी के लिए गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाना, समय प्रबंधन सुनिश्चित करना और डोर टू डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाना जैसे उपायों पर भी चर्चा हुई। के.के. गुप्ता ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि जनता की प्रतिक्रिया सबसे अहम है, और जब तक लोग परिणाम नहीं देखें, तब तक प्रयास अधूरे हैं।
बैठक में नगर परिषद अधिकारी, विभागीय कर्मचारी और अन्य सहभागी मौजूद रहे। इस पहल का उद्देश्य नगर की स्वच्छता स्तर को उच्चतम बनाना और नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।