लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
विद्युत टैरिफ व सौर ऊर्जा से जुड़ी समस्याओं पर रखी मांगें
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)
राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसियेशन, मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ सदस्यों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर उद्योगों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक सांसद दामोदर अग्रवाल के नेतृत्व में हुई।
प्रतिनिधिमण्डल में डॉ. एस.एन. मोदानी, दिनेश नौलखा, जे.सी. लढ्ढा, डी.पी. मंगल, एन.के. बहेड़िया, टी.सी. छाबड़ा, मनीष चांडक और अंकित शर्मा शामिल रहे।
विद्युत टैरिफ पर राहत की मांग
प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हाल ही में विद्युत निगमों द्वारा प्रति यूनिट 1 रुपये रेगुलेटरी सरचार्ज लगाया गया है, जिससे उद्योगों पर अतिरिक्त भार बढ़ गया है। उद्यमियों ने इस सरचार्ज को हटाने या राज्य सरकार की ओर से अनुदान प्रदान करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि वैश्विक टैरिफ युद्ध, घरेलू चुनौतियों और लगातार बढ़ती इनपुट लागत के कारण राजस्थान के उद्योग पहले से ही आर्थिक मंदी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बढ़ी हुई विद्युत दरें उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता को कम कर रही हैं, जिसका प्रभाव रोजगार पर भी पड़ सकता है।
सौर ऊर्जा संबंधी प्रावधानों में संशोधन की मांग
प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री के समक्ष सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निम्न मांगें रखीं—
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उद्योगों को उनके कनेक्टेड लोड के 400% तक कैप्टिव सोलर प्लांट लगाने की अनुमति दी जाए (वर्तमान सीमा 200% है)।
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उद्योगों को कंबाइंड बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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अधिक उत्पादन वाली सौर परियोजनाओं में 20% बैटरी क्षमता अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।
मुख्यमंत्री ने दी सिद्धांत स्वीकृति
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रतिनिधिमण्डल की चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए इस मामले में सिद्धांततः स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने अपने विशिष्ट सचिव संदेश नायक को निर्देश दिए कि इस विषय पर विस्तृत नोट तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाया जाए।
प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री का सकारात्मक आश्वासन देने पर आभार व्यक्त किया।
