शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह भक्तों और ग्रामीणों ने स्वागत द्वार सजाए, पुष्प वर्षा की और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना के साथ अगरबत्ती व श्रीफल अर्पित किए, साथ ही ड्रोन से उड़ती पुष्पवृष्टि ने शोभायात्रा की छटा को और भी मनमोहक बना दिया; आगे-आगे घोड़े नृत्य करते हुए चल रहे थे जिससे समूचे वातावरण में उत्साह और उल्लास का संचार हो रहा था, वहीं तेजाजी महाराज की आकर्षक झांकी भी सजाई गई जिसने भक्तों का मन मोह लिया।
इस शोभायात्रा का मार्ग सदर बाजार, ब्राह्मण मोहल्ला और गांव की मुख्य गलियों से होकर निकला जहां छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की, कई महिला-पुरुषों को भक्ति भावावेश में भोपा-भाव भी हो गए और इस आध्यात्मिक माहौल ने समूचे गांव को धर्म, भक्ति और उत्साह की एकता की डोर में बांध दिया।
शोभायात्रा के उपरांत रात्रि में आयोजित जागरण और भजन-कीर्तन ने इस उत्सव की महत्ता को और बढ़ा 
दिया जिसमें देर रात तक बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे और वीर तेजाजी महाराज के जयकारों व भक्तिमय गीतों से संपूर्ण गांव गुंजायमान होता रहा।