लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बढ़ा विवाद, छात्रों को रोकने पर भी उठे सवाल
जोधपुर। गांधी शांति प्रतिष्ठान में रविवार को आयोजित ‘शिक्षा बचाओ’ कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब मीडिया कर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। घटना के विरोध में कई पत्रकारों ने कार्यक्रम की कवरेज का बहिष्कार कर दिया और कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए।
जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संवाद के लिए विभिन्न लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में आशुतोष रांका सहित अन्य वक्ताओं ने भाग लिया। इसी दौरान कुछ छात्र और अन्य लोग विरोध जताने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने अंदर जाने से रोक दिया।
शिक्षाविदों ने उठाए स्कूलों में प्रवेश और वीडियो रिकॉर्डिंग के मुद्दे
कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविदों ने स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश और बिना अनुमति वीडियो बनाने के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि सरकारी और निजी विद्यालयों में अभिभावक समितियां पहले से गठित हैं तथा विद्यालयों में आगंतुकों के प्रवेश के लिए निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा बिना अनुमति विद्यालय परिसर में प्रवेश करना या वीडियो रिकॉर्डिंग करना शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संस्थागत और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन पर जोर दिया।
मीडिया कर्मियों के साथ व्यवहार पर नाराजगी
कार्यक्रम के दौरान मीडिया कर्मियों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी सवाल उठे। पत्रकारों का आरोप था कि कवरेज के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
इस घटना के बाद कई पत्रकारों ने कार्यक्रम की कवरेज छोड़ दी। वहीं कुछ उपस्थित लोगों ने भी माना कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करने देना चाहिए और पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार उचित नहीं है।
विरोध जताने पहुंचे छात्रों को पुलिस ने रोका
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब कुछ छात्र विरोध दर्ज कराने के लिए कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इस दौरान कुछ छात्रों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई और कार्यक्रम आगे जारी रहा।
संवाद से ज्यादा विवादों में रहा कार्यक्रम
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और संवाद करना बताया गया था, लेकिन मीडिया से कथित दुर्व्यवहार और विरोध करने पहुंचे छात्रों को रोकने की कार्रवाई के कारण आयोजन विवादों में घिर गया।
पूरे घटनाक्रम को लेकर आयोजकों और विरोध करने वाले पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न संगठनों की ओर से भी इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।